पुरानी भक्ति, नया स्टाइल! कौन हैं रासेश्वरी देवी जी? जिनकी भक्ति ने Gen Z को आकर्षित किया, कई अवॉर्ड कर चुकी हैं अपने नाम

रासेश्वरी देवी जी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं. यह एक भक्ति योगा टीचर हैं, इन्होने Gen Z को अपनी भक्ति और सरलता से आकर्षित किया है. आइए जानते हैं इनसे जुडी एक-एक जानकारी.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: आज के दौर में जहां आध्यात्मिकता सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फैल रही है, वहां रासेश्वरी देवी जी एक खास नाम बनकर उभरी हैं. वे पारंपरिक भक्तों के साथ-साथ युवाओं को भी आसानी से जोड़ पाती हैं.

भक्ति योग की प्रमुख शिक्षिका के रूप में वे 2026 में खासतौर पर चर्चा में हैं, जब जेन जेड यानी जेन ज़ी और युवा प्रोफेशनल्स जीवन की भागदौड़ में शांति और अर्थ की तलाश कर रहे हैं.

भक्ति से भरी शुरुआत

रासेश्वरी देवी जी का जन्म एक गहरे आध्यात्मिक परिवार में हुआ. बचपन से ही वे भक्ति और गुरु सेवा में रम गई. उनके गुरु जगद्गुरु स्वामी श्री कृपालु जी महाराज थे, जिन्हें आधुनिक समय के प्रमुख जगद्गुरुओं में गिना जाता है. महाराज जी ने उन्हें वेदों, उपनिषदों और श्री कृष्ण भक्ति की गहरी शिक्षा दी.

21 साल की उम्र में उन्होंने सन्यास लिया और अपना पूरा जीवन भगवान और गुरु की सेवा में समर्पित कर दिया. उन्होंने गणित में ऑनर्स और अंग्रेजी साहित्य में मास्टर्स की डिग्री ली, लेकिन आध्यात्मिक मार्ग को चुना. उनकी शिक्षाएं सरल भाषा में हैं, जो रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी होती है.

प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तरीके से समझाना

रासेश्वरी देवी जी की खासियत यह है कि वे पुराने शास्त्रों की बातों को आज की समस्याओं से जोड़ती हैं. वे भावनाओं को संभालना, सही फैसले लेना और खुद को बेहतर बनाना सिखाती हैं. उनकी बातें गहरी होती है, लेकिन आसान और व्यावहारिक. 

वे बाल संस्कार शिविर और युवा उत्थान शिविर जैसे कार्यक्रम चलाती हैं, जहां बच्चों और युवाओं को नैतिकता, संस्कृति और समाज सेवा सिखाई जाती है. भक्ति योग, ध्यान और सेवा पर जोर देते हुए वे श्री श्री रविशंकर जैसे आधुनिक गुरुओं से तुलना पाती हैं, लेकिन उनका आधार भक्ति और उपनिषद है.

क्यों आकर्षित हो रहे जेन ज़ी? 

2026 में युवा माइंडफुलनेस, ध्यान और भक्ति की ओर मुड़ रहे हैं. रासेश्वरी देवी जी के यूट्यूब चैनल, शॉर्ट वीडियो और लाइव सत्संग लाखों तक पहुंच रहे हैं. उनकी शिक्षाएं पारंपरिक हैं, लेकिन तरीका आधुनिक-सरल, प्रैक्टिकल और बिना किसी दिखावे के होती है.

उन्हें कई सम्मान मिले हैं, जैसे सेवा सम्मान अवॉर्ड, आदर्श युवा आध्यात्मिक गुरु पुरस्कार और ग्लोबल पीस अवॉर्ड. ब्रज गोपिका सेवा मिशन की संस्थापक के रूप में वे समाज सेवा और आध्यात्मिक शिक्षा को जोड़ती हैं.

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