अगर आपको अपने घर, बालकनी या आसपास हरियाली फैलाने का शौक है, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. आज के समय में लोग पौधे लगाना तो चाहते हैं, लेकिन नर्सरी में मिलने वाले महंगे पौधे कई बार बजट बिगाड़ देते हैं. ऐसे में दिल्ली सरकार की एक खास पहल लोगों को राहत देने का काम कर रही है, जहां आम नागरिकों को बिना किसी शुल्क के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वातावरण को शुद्ध रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. हरे-भरे पौधों से आसपास सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और मानसिक शांति भी मिलती है. इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ने एक सरकारी नर्सरी के जरिए लोगों को मुफ्त पौधे देने की सुविधा शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना है.
यह नर्सरी राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध वेस्ट टू वंडर पार्क के बिल्कुल पास स्थित है. इसकी लोकेशन ऐसी है कि यहां पहुंचना बेहद आसान है. जो लोग मेट्रो से सफर करना चाहते हैं, वे पिंक लाइन पर स्थित हजरत निजामुद्दीन मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं. वहीं, बस से आने वालों के लिए सराय काले खान बस टर्मिनल सबसे नजदीकी स्थान है. यहां से नर्सरी तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता.
फ्री पौधे लेने की प्रक्रिया भी काफी सरल रखी गई है. इसके लिए किसी तरह की जटिल औपचारिकता या ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती. आपको केवल अपना एक वैध पहचान पत्र साथ ले जाना होता है, जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस. एक पहचान पत्र पर अधिकतम 10 पौधे दिए जाते हैं. अगर परिवार या दोस्तों के साथ कई लोग अलग-अलग आईडी लेकर आते हैं, तो पौधों की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है.
इस नर्सरी में पौधों की अच्छी-खासी वैरायटी उपलब्ध है. यहां छोटे, मीडियम और बड़े साइज के पौधे मिल जाते हैं. फूलों वाले पौधे, सजावटी पौधे और कई प्रकार के औषधीय पौधे भी यहां मौजूद रहते हैं. यानी आप अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से पौधों का चयन कर सकते हैं.
दिल्ली सरकार की यह पहल बढ़ते प्रदूषण और कम होती हरियाली को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है. सरकार चाहती है कि लोग अपने घरों, सड़कों और आसपास के इलाकों में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं. इससे न केवल हवा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शहर का तापमान नियंत्रित करने और लोगों के तनाव को कम करने में भी मदद मिलेगी. यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है. First Updated : Monday, 22 December 2025