Neem Karoli Baba: उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, जहां अनगिनत देवी-देवताओं के मंदिर और आश्रम स्थित हैं. इन्हीं में से एक है नैनीताल जिले का कैंची धाम आश्रम, जो नीम करोली बाबा की तपस्थली के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है. यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं.
नीम करोली बाबा को 20वीं सदी के महान संतों में गिना जाता है. मान्यता है कि वे बजरंगबली के अवतार थे. बाबा ने अपने जीवनकाल में ऐसे कई विचार दिए, जो साधारण व्यक्ति के जीवन को असाधारण बना सकते हैं. खासतौर से ब्रह्म मुहूर्त में किए गए कुछ उपायों को सफलता और सुख-समृद्धि का मार्ग माना गया है.
नीम करोली बाबा के अनुसार, हर व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए. इस समय जागने से न केवल आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होती है. इस दौरान उठकर किए गए कार्य अधिक सफल माने जाते हैं और स्वास्थ्य में भी लाभ मिलता है.
बाबा के बताए अनुसार, सुबह उठते ही अपनी हथेलियों के अग्र भाग को देखना चाहिए. मान्यता है कि हथेलियों में लक्ष्मी, सरस्वती और विष्णु का वास होता है. यह उपाय करने से दिनभर शुभ परिणाम मिलते हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है.
सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के लिए बाबा ने सुबह उठने के बाद कुछ समय मौन रहने की सलाह दी है. ब्रह्म मुहूर्त में मौन साधना करने से मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है. इससे जीवन में सफलता के अवसर स्वतः मिलते हैं.
नीम करोली बाबा कहते थे कि धन को सदा अच्छे कार्यों में लगाना चाहिए. जब व्यक्ति अपने धन का उपयोग धार्मिक और कल्याणकारी कार्यों में करता है तो भगवान प्रसन्न होते हैं और उस पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं. इस प्रकार घर-परिवार में कभी धन की कमी नहीं होती.
DISCLAIMER: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है. JBT इसकी किसी भी प्रकार से पुष्टि नहीं करता है. First Updated : Sunday, 07 September 2025