हिंदू नववर्ष की शुरुआत आज से, नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा में ये भोग जरूर चढ़ाएं

चैत्र नवरात्रि का पवित्र उत्सव आज से शुरू हो गया है. नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व मां दुर्गा की शक्ति की आराधना का सुनहरा अवसर है. पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है.तो आइए जानते हैं मां को कौन-सा भोग सबसे प्रिय है और इससे क्या अद्भुत लाभ मिलते हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

सनातन धर्म में हिंदू नववर्ष का विशेष महत्व है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ही चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है और इसी दिन से हिंदू नववर्ष भी आरंभ हो जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी तिथि पर ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी. इस साल आज से चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की शुरुआत हो गई है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है.

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है. पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री को श्रद्धापूर्वक पूजने से यश, कीर्ति और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने में उनके प्रिय भोग का बहुत महत्व है? आइए जानते हैं कि इस दिन मां को क्या अर्पित करना चाहिए.

मां शैलपुत्री को शुद्ध देसी घी का भोग लगाएं

मां शैलपुत्री को घी का भोग बेहद प्रिय है. पूजा में घी अर्पित करने से शरीर निरोगी रहता है और घर में सुख-समृद्धि आती है. ऐसा माना जाता है कि घी का दान करने से भी विशेष पुण्य मिलता है.

सफेद मिठाई का भोग

मां को सफेद रंग की मिठाइयां जैसे बर्फी, पेड़ा या खीर चढ़ाना शुभ माना जाता है. सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है, जो मां को प्रसन्न करता है.

दूध और उससे बने पकवान 

दूध, दही और उनसे बनी चीजें मां को अर्पित करने से घर में शांति और सौभाग्य बढ़ता है.

शक्कर या मिश्री का भोग

मिश्री का भोग लगाने से जीवन में मिठास बनी रहती है और रिश्तों में मधुरता आती है.

भोग लगाने का सही तरीका

पूजा से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान को साफ और पवित्र रखें. मां को भोग लगाते समय सच्चे मन से प्रार्थना करें. भोग लगाने के बाद उसे प्रसाद के रूप में परिवार में बांटें.

मां शैलपुत्री की पूजा का महत्व

नवरात्रि का पहला दिन नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह दिन चंद्रमा से जुड़ा होता है, इसलिए मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन के लिए भी यह पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है.

Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो