इस दिन मनाया जाएगा मई का पहला प्रदोष व्रत, भूलकर भी न करें ये गलतियां

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और देवी पार्वती पूजा होती है. प्रदोष व्रत महीने में दो बार आता है. जानिए पूजा कब किया जाएगा और इस दिन किन गलतियों को करने से बचना चाहिए.

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Edited By: JBT Desk

New Delhi: प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करने से जीवन में सफलता मिलती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है. इस दिन शाम को भगवान शिव की पूजा करने का रिवाज है. मंदिर या गरीबों को खाना, पैसा और दूसरी चीजों का दान करना चाहिए. इससे भक्त को शुभ फल मिलते हैं.

इसके पीछे क्या कारण है?

मई महीने का प्रदोष व्रत जल्द ही आने वाला है. माना जाता है कि शुभ समय में प्रदोष व्रत करने से शुभ फल मिलते हैं. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत की पूजा और उपवास का खास महत्व है. लोग पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को प्रदोष काल में पूजा करते हैं. माना जाता है कि सच्चे मन से यह व्रत करने से सभी दुख दूर होते हैं और भगवान शिव और देवी पार्वती के आशीर्वाद से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं. प्रदोष व्रत महीने में दो बार आता है. यह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की तेरस को रखा जाता है.

प्रदोष व्रत का शुभ समय

मई महीने का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा. यह दिन 14 मई को है. क्योंकि इस दिन गुरुवार है इसलिए इस प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा. ध्यान दें कि इस साल त्रयोदशी तिथि 14 तारीख की सुबह शुरू होगी. तिथि सुबह 11:20 बजे शुरू होगी. तिथि अगले दिन 15 मई को सुबह 8:31 बजे खत्म होगी. क्योंकि त्रयोदशी तिथि शाम को है इसलिए प्रदोष व्रत उसी दिन रखा जाता है. मई का पहला प्रदोष व्रत 14 मई को रखा जाएगा.

गुरु प्रदोष व्रत पूजा का शुभ समय

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, प्रदोष व्रत पूजा का शुभ समय 1 घंटा 42 मिनट का होगा. गुरु प्रदोष व्रत की पूजा 14 मई की शाम 5:22 बजे से 7:04 बजे तक है. इस समय की गई पूजा का बहुत महत्व होगा.

प्रदोष व्रत पर ये काम न करें

गुरु प्रदोष व्रत के दिन सबसे पहले यह पक्का करें कि आपके मन में कोई नेगेटिव विचार न आएं. गुस्सा न करें और न ही किसी को कोई बुरा शब्द कहें. शांत और साफ मन से भगवान शिव की पूजा करना फायदेमंद माना जाता है. व्रत के दौरान लहसुन, प्याज, मांस, मछली और शराब जैसी नॉन-वेज खाने से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे व्रत का पुण्य कम हो सकता है. प्रदोष के समय अपनी पूजा को नजरअंदाज न करें. पूजा सही समय पर और बताए गए तरीकों से करना बहुत जरूरी है तभी व्रत का पूरा फायदा मिलेगा.

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