Gupt Navratri 2025: हिंदू धार्मिक ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में कुल 700 श्लोक हैं. दुर्गा सप्तशती मार्कण्डेय पुराण का एक उद्धरण है. नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं. सामान्य दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान इसका पाठ करना बहुत चमत्कारी होता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार देवी दुर्गा की पूजा के लिए देवी कवच, अर्गला स्तोत्र और कीलक स्तोत्र को गुप्त रखा जाता है.
इन स्तोत्रों का पाठ क्रम से करने का नियम है और गुप्त नवरात्रि के दौरान इन गुप्त स्तोत्र का पाठ क्रम से करने से कभी न खत्म होने वाला फल मिलता है. गुप्त नवरात्रि के दौरान अर्गला स्तोत्र का पाठ करने से सभी शत्रुओं का नाश होता है और सभी कार्यों में सफलता मिलती है.
अर्गला स्तोत्र के बारे में ज्योतिषी कहते हैं, दुर्गा सप्तशती मार्कंडेय पुराण का एक अंश है जिसमें कुल 700 श्लोक हैं. दुर्गा सप्तशती में देवी कवच, अर्गल स्तोत्र और कीलक स्तोत्र का विस्तार से वर्णन है. ये तीन स्तोत्र गुप्त रूप से देवी दुर्गा की आराधना के लिए लिखे गए हैं.
गुप्त नवरात्रि के दौरान अर्गला स्तोत्र का पाठ करने से सभी शत्रुओं पर विजय मिलती है और ज्ञान, प्रसिद्धि, स्वास्थ्य के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. देवी दुर्गा की पूजा के लिए इस स्तोत्र को गुप्त रखा जाता है और गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त रूप से इसका पाठ करने से अक्षय फल मिलता है यानी कभी खत्म नहीं होता.
यदि गुप्त नवरात्रि के दौरान गुप्त रूप से अर्गला स्तोत्र का जाप किया जाए तो देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. इस स्तोत्र के पाठ से शक्तिशाली शत्रुओं पर विजय मिलती है और सभी उपक्रमों में सफलता और प्रगति के रास्ते में आने वाली सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं. यह स्तोत्र गुप्त है और गुप्त रूप से पढ़ने से करोड़ो लाभ होता है.
गुप्त नवरात्रि के दौरान देसी घी का दीपक जलाएं और देवी दुर्गा का ध्यान करें, प्रत्येक अर्गला स्तोत्र का पाठ करने का संकल्प लें और अपने मन की सभी इच्छाओं, कामनाओं और बाधाओं को देवी मां तक पहुंचाएं. गुप्त नवरात्रि के दौरान अर्गला स्तोत्र सुनने मात्र से चमत्कारिक लाभ होता है. First Updated : Wednesday, 29 January 2025