सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के मशहूर बॉन्डी बीच पर रविवार 14 दिसंबर 2025 को एक भयानक आतंकवादी हमला हुआ. यह हमला हनुक्का उत्सव मनाते लोगों को निशाना बनाकर किया गया. इसमें एक पिता और उसके बेटे ने गोलीबारी की, जिससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए. इस डरावने मंजर के बीच इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइकल वॉन भी फंस गए थे. वे परिवार के साथ वहां मौजूद थे और खुद इस घटना को बहुत भयानक बताया.
हमले का खौफनाक मंजर
बॉन्डी बीच पर शाम के समय लोग हनुक्का का पहला दिन मना रहे थे. अचानक दो हमलावरों ने एक पुल से नीचे भीड़ पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. गोलियों की तेज आवाजें और भागते लोगों का शोर पूरे इलाके में गूंज रहा था. पुलिस के अनुसार, यह हमला यहूदी समुदाय को विशेष रूप से लक्ष्य करके किया गया था. मरने वालों में एक 10 साल की छोटी लड़की और अन्य निर्दोष लोग शामिल थे. कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं.
हमलावरों में से एक 50 साल का पिता मौके पर ही पुलिस की गोली से मारा गया, जबकि उसका 24 साल का बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गया और अस्पताल में पुलिस की निगरानी में है. पुलिस ने इसे आतंकवादी घटना घोषित कर दिया है.
माइकल वॉन का डरावना अनुभव
माइकल वॉन इस समय एशेज सीरीज कवर करने ऑस्ट्रेलिया में हैं. वे अपनी पत्नी, दो बेटियों, साली और एक दोस्त के साथ बॉन्डी में एक रेस्टोरेंट में थे. हमले की जगह से वे सिर्फ कुछ सौ गज दूर थे. गोलियों की आवाज सुनकर वे सभी रेस्टोरेंट के अंदर बंद हो गए.
वॉन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बॉन्डी के रेस्टोरेंट में बंद होना बहुत डरावना था. अब वे सुरक्षित घर पहुंच गए हैं. उन्होंने इमरजेंसी सर्विसेज और उस बहादुर शख्स का शुक्रिया अदा किया जिसने एक हमलावर से हथियार छीन लिया. साथ ही, प्रभावित लोगों के लिए संवेदना व्यक्त की.
एक अखबार में लिखे अपने कॉलम में वॉन ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि शार्क अटैक या कोई झगड़ा हो रहा है, लेकिन जब गोली चलने की आवाज सुनी तो समझ आए कि कुछ बहुत गलत हो रहा है. दूर से ऐसे हमलों को टीवी पर देखना अलग बात है, लेकिन इतना करीब सुनना बेहद भयानक था.
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने भी इस घटना पर दुख जताया. टीम के खिलाड़ी और स्टाफ इस सदमे में हैं. एशेज सीरीज जारी है, लेकिन इस हमले ने सभी को झकझोर दिया है. यह घटना पूरे ऑस्ट्रेलिया के लिए एक बड़ा सदमा है. लोग फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं. उम्मीद है कि ऐसे हमले दोबारा न हों और शांति बनी रहे. प्रभावित परिवारों के साथ सभी की हमदर्दी है. First Updated : Monday, 15 December 2025