'निराश मत हो, मौका आएगा', सैमसन को दिए वायरल मोटिवेशनल भाषण पर रोहित शर्मा का खुलासा
संजू सैमसन को टी20 विश्व कप की शुरुआत में टीम से बाहर किया गया था, लेकिन रोहित शर्मा की प्रेरणा के बाद उन्होंने मौका मिलने पर शानदार वापसी करते हुए अहम मैचों में बड़ी पारियां खेलीं.

आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के दौरान भारतीय टीम में संजू सैमसन को लेकर एक दिलचस्प कहानी सामने आई है. संजू सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन ने शुरुआती मैच में प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया था. अमेरिका के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में उन्हें मौका नहीं मिला. उस समय रोहित शर्मा स्टेडियम में मौजूद थे. रोहित को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में सैमसन से बातचीत करते देखा गया था. हालांकि उस चर्चा की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी.
आईसीसी ने जारी किया वीडियो
बाद में आईसीसी द्वारा जारी एक वीडियो में इस बातचीत की झलक सामने आई. यह वीडियो उस समय सामने आया जब सैमसन ने सुपर 8 चरण के अहम मुकाबले में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 97 रन बनाए. इस पारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और सैमसन के आत्मविश्वास को भी नई दिशा दी.
वीडियो में देखा गया कि रोहित शर्मा ने सैमसन को शांत रहने और अपनी मूल तकनीक पर ध्यान देने की सलाह दी थी. उन्होंने उन्हें समझाया था कि बड़े टूर्नामेंट लंबे होते हैं और किसी भी समय खिलाड़ी को मौका मिल सकता है. रोहित ने सैमसन को तैयार रहने और निराश न होने के लिए प्रेरित किया.
वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू की दमदार पारी
इस सलाह का असर भी जल्द ही देखने को मिला. वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद केरल के इस बल्लेबाज ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ भी शानदार पारी खेली. सैमसन ने 89 रन बनाए और उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने सात रनों से रोमांचक जीत हासिल की. इस प्रदर्शन ने टीम की फाइनल में जगह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल से पहले रोहित शर्मा ने उस बातचीत के पीछे की सोच भी साझा की. उन्होंने कहा कि वह अक्सर खिलाड़ियों की भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं क्योंकि वह खुद भी अपने करियर में ऐसी परिस्थितियों से गुजर चुके हैं, जब बड़े टूर्नामेंट में उन्हें मौके नहीं मिल पाए थे. रोहित के मुताबिक ऐसे समय में निराश होने के बजाय ध्यान केंद्रित रखना और सही दिशा में मेहनत करते रहना ही खिलाड़ी के लिए सबसे अहम होता है.
रोहित ने क्या बताया?
रोहित ने बताया कि सैमसन लगातार भारतीय टीम के लिए खेल रहे थे, लेकिन विश्व कप से ठीक पहले उन्हें बाहर कर दिया गया था. इसलिए उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि यह लंबा टूर्नामेंट है और उनका मौका जरूर आएगा. आखिरकार ऐसा ही हुआ और सैमसन ने मिले अवसर का पूरा फायदा उठाया.
अब तक इस टूर्नामेंट में सैमसन चार मैचों में 232 रन बना चुके हैं. शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार के लिए नामांकित आठ खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल किया गया है. उनके प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि सही समय पर मिला अवसर और सही मार्गदर्शन किसी भी खिलाड़ी के करियर को नई ऊंचाई दे सकता है.


