वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्यकुमार की नई दहाड़, अगला मिशन सुनकर भारतीयों का सीना हो जाएगा चौड़ा
भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीता और लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि अब टीम का अगला बड़ा लक्ष्य 2028 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है.

भारत ने टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया. इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतने का कारनामा किया. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम भी बन गया.
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के बाद टीम इंडिया ने देर रात तक जीत का जश्न मनाया. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि जश्न इतना लंबा चला कि खिलाड़ियों को ठीक से सोने का भी मौका नहीं मिल पाया.
क्या है सूर्या का अगला सपना?
जीत के अगले ही दिन कप्तान ने साफ कर दिया कि टीम अब अगले बड़े लक्ष्य की ओर ध्यान लगा चुकी है. उन्होंने कहा कि भारत का अगला बड़ा सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है. दरअसल, 2028 के ओलंपिक में पहली बार क्रिकेट को शामिल किया जाएगा और टीम इंडिया इस ऐतिहासिक मौके को भुनाना चाहती है.
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि टीम भविष्य में होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट्स में भी उसी आक्रामक और आधुनिक शैली में क्रिकेट खेलेगी, जो पिछले कुछ समय से अपनाई गई है. उनके मुताबिक 2024 के बाद टीम ने अपने खेलने के अंदाज में बदलाव किया है और अब टी20 टीम को लगातार उसी स्तर की क्रिकेट खेलनी होगी. उन्होंने कहा कि 2028 का ओलंपिक भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा लक्ष्य होगा और उसी वर्ष टी20 विश्व कप भी आयोजित होना है.
कप्तान का मानना है कि जब टीम लगातार दो बार टी20 विश्व कप जीतने में सफल हो चुकी है, तो तीसरी बार यह उपलब्धि हासिल करने का प्रयास भी किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि टीम के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और अगर सभी खिलाड़ी एकजुट होकर मेहनत करें तो यह सपना भी साकार हो सकता है.
चुनिंदा कप्तानों की सूची में शामिल हुए सूर्या
इस जीत के साथ सूर्यकुमार यादव भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने आईसीसी ट्रॉफी जीती है. उनसे पहले कपिल देव, धोनी, रोहित शर्मा और हरमनप्रीत कौर यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं. इस खास सूची में शामिल होने पर सूर्यकुमार ने कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व और भावुक करने वाला पल है.
उन्होंने कहा कि अभी भी उन्हें इस सफलता पर पूरी तरह यकीन नहीं हो रहा है. उनके अनुसार, इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे लंबे समय की मेहनत, अनुशासन और कई लोगों के त्याग का योगदान है. कप्तान ने कहा कि जब वह मुंबई लौटकर अपने परिवार, दोस्तों और साथियों से मिलेंगे, तब शायद इस उपलब्धि की असली खुशी महसूस होगी. उन्होंने ईश्वर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खुद को वह बेहद भाग्यशाली मानते हैं और इस ऐतिहासिक जीत से बेहद खुश हैं.


