टी20 विश्व कप सेमीफाइनल, 'मैन ऑफ द मैच मुझे नहीं, बुमराह को मिलना चाहिए था', संजू सैमसन ने समर्पित किया पुरस्कार

भारत ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बना ली. इस जीत के हीरो रहे संजू सैमसन ने 89 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन मैच के बाद उन्होंने 'मैन ऑफ द मैच' का श्रेय खुद लेने से इनकार करते हुए इसे जसप्रीत बुमराह को समर्पित कर दिया.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत ने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बना ली. इस जीत में विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने 42 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम के बड़े स्कोर की नींव रखी. हालांकि मैच के बाद सैमसन ने अपनी उपलब्धि से ज्यादा जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी को अहम बताया.

मैच के बाद ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिलने पर सैमसन ने विनम्रता दिखाते हुए कहा कि यह सम्मान वास्तव में जसप्रीत बुमराह का होना चाहिए था. उन्होंने बुमराह को विश्व स्तरीय गेंदबाज और “पीढ़ी में एक बार आने वाली प्रतिभा” बताते हुए जीत का पूरा श्रेय गेंदबाजों को दिया.

बुमराह की गेंदबाजी ने बदला मैच का रुख

वानखेड़े स्टेडियम की बल्लेबाजी के अनुकूल पिच पर जहां बाकी गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई, वहीं जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 1/33 के प्रभावशाली आंकड़े दर्ज किए. उनके इस प्रदर्शन ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया.

सैमसन ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा,"सारा श्रेय बुमराह को जाता है, मेरे विचार से वह विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं, सचमुच एक पीढ़ी में एक बार आने वाले खिलाड़ी हैं. मुझे लगता है कि उन्होंने आज यही साबित किया. मेरे विचार से यह पुरस्कार वास्तव में उन्हें ही मिलना चाहिए."

गेंदबाजों को दिया जीत का पूरा श्रेय

मैच के बाद प्रस्तुति के दौरान सैमसन ने कहा कि अगर आखिरी ओवरों में गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन नहीं किया होता तो वह आज ‘मैन ऑफ द मैच’ के रूप में खड़े नहीं होते.

उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि अगर हमने आखिरी ओवरों में उस तरह से गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं आज यहां खड़ा नहीं होता. इसका पूरा श्रेय गेंदबाजों को जाता है, उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जिस तरह से खुद पर भरोसा दिखाया."

लगातार दूसरी बड़ी पारी

सैमसन की यह लगातार दूसरी पचास से अधिक रनों की पारी रही. इससे पहले उन्होंने कोलकाता में वेस्ट इंडीज के खिलाफ सुपर एट्स के करो या मरो मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन किया था.

उन्होंने कहा,"यहां खेलना अविश्वसनीय अनुभव था, हम सकारात्मक परिणाम हासिल करना चाहते थे. मुझे पता था कि पिछले मैच से मेरी फॉर्म अच्छी चल रही है. मैंने सोचा कि मुझे अपनी फॉर्म का पूरा फायदा उठाना चाहिए, इसलिए मैंने खुद को अतिरिक्त समय दिया. हम जानते हैं कि किसी भी स्कोर को रोका नहीं जा सकता, हम जितना हो सके उतना स्कोर करना चाहते थे."

बड़े मैच में फॉर्म का फायदा उठाना चाहता था

सैमसन ने बताया कि बड़े मुकाबले में अच्छी फॉर्म को जारी रखना आसान नहीं होता, इसलिए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी को पूरा समय देने की कोशिश की.

उन्होंने कहा,"बहुत अच्छा लग रहा है. सच कहूँ तो, मुझे पता था कि पिछले मैच से मेरी फॉर्म अच्छी हो रही है, इसलिए मैंने सोचा कि मुझे इसे जारी रखना होगा. मुझे लगता है कि अपने देश के लिए महत्वपूर्ण मैचों में फॉर्म में आना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़ा मैच है, मुझे अपनी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाना होगा. इसलिए मैंने खुद को अतिरिक्त समय दिया."

वानखेड़े में ज्यादा से ज्यादा रन बनाना था लक्ष्य

सैमसन ने कहा कि वानखेड़े स्टेडियम में खेलते हुए टीम का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा रन बनाना था क्योंकि यहां किसी भी स्कोर का पीछा किया जा सकता है.

उन्होंने कहा,"मैंने अपनी पारी का थोड़ा हिसाब लगाया. मैंने अच्छी तैयारी की थी और मुझे लगता है कि सब कुछ ठीक रहा. शुरुआत में थोड़ा भाग्य का साथ मिला और फिर मैं बस आगे बढ़ना चाहता था. वानखेड़े में खेलते हुए, हम जानते हैं कि यहां किसी भी स्कोर को रोका नहीं जा सकता, इसलिए मैं जितना हो सके उतने रन बनाना चाहता था."

उन्होंने आगे कहा,"यहां तक कि 250 का स्कोर भी हासिल करना संभव लग रहा था और इंग्लैंड ने बहुत अच्छा खेला. इसका पूरा श्रेय उनकी बल्लेबाजी को जाता है और हमने वाकई एक शानदार सेमीफाइनल देखा."

शतक चूकने का कोई अफसोस नहीं

सैमसन ने कहा कि शतक से चूकने का उन्हें कोई अफसोस नहीं है और वह टीम की जीत में योगदान देकर खुश हैं.

उन्होंने कहा,"मुझे तो बिलकुल नहीं लगता. मुझे लगता है, 100 रन, असल में, आप शतक बना ही नहीं सकते. यह तो प्रक्रिया में आता है, आप वास्तव में, आप वास्तव में ऐसा नहीं कर सकते, यह कोई टेस्ट मैच नहीं है, यह कोई वनडे मैच नहीं है जहाँ आप ऊपर-नीचे हो सकते हैं. एक बार अच्छी शुरुआत मिल जाए, तो आप पहले बल्लेबाजी करते हैं. कोई दूसरा रास्ता नहीं है. आपको बस लगातार मेहनत करते रहना होगा."

उन्होंने आगे कहा,"और एक बार जब आप सही पक्ष में आ जाते हैं, तो कौन जानता है कि मुझे कितने रन मिलेंगे. इसलिए मुझे जो भी मिल रहा है उससे मैं बहुत खुश हूं और अपने देश को जीत दिलाने में योगदान देने से भी बहुत खुश हूं,"

इंग्लैंड की जोरदार चुनौती

भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 253 रन बनाए. इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी और सात विकेट के नुकसान पर 246 रन बनाए, लेकिन अंततः भारत ने यह मुकाबला सात रन से जीत लिया.

अब फाइनल में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा भारत

सेमीफाइनल में जीत के साथ भारत ने फाइनल में जगह बना ली है. टीम अब रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ खिताबी मुकाबला खेलेगी.

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