राज्यसभा चुनाव: नीतीश कुमार, नितिन नवीन और शरद पवार का निर्विरोध चुना जाना तय, कई राज्यों में कड़ी टक्कर के आसार
राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा नेता नितिन नवीन और एनसीपी-शरद पवार गुट के प्रमुख शरद पवार का निर्विरोध राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि कई राज्यों में कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है.

नई दिल्ली: राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (राकांपा-शप) के प्रमुख शरद पवार का राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार और नितिन नवीन पहली बार संसद के ऊपरी सदन में पहुंचेंगे, जबकि अनुभवी नेता शरद पवार एक बार फिर राज्यसभा में वापसी करेंगे.
इन नेताओं ने गुरुवार को अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए. वे उन 40 उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन्होंने 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन के अंतिम दिन अपने पर्चे दाखिल किए.
10 राज्यों की 37 सीटों के लिए नामांकन
राज्यसभा की इन सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार को की जाएगी, जबकि उम्मीदवार नौ मार्च तक अपने नाम वापस ले सकते हैं. यदि किसी सीट पर मुकाबला होता है तो मतदान 16 मार्च को कराया जाएगा.
इस बीच तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना भी जताई जा रही है. भाजपा इन चुनावों के बाद राज्यसभा में अपनी संख्या बढ़ाने की स्थिति में दिखाई दे रही है, जिससे ऊपरी सदन में उसका आंकड़ा और मजबूत हो सकता है.
हरियाणा में एक सीट पर मुकाबले के आसार
हरियाणा में दो राज्यसभा सीटों में से एक पर कड़ी टक्कर होने की संभावना है. राज्य की राजनीति में पहले भी क्रॉस-वोटिंग की घटनाएं सामने आती रही हैं.
90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए विपक्षी दल को केवल 31 प्रथम वरीयता के वोटों की जरूरत होगी.
इसी बीच हरियाणा भाजपा के उपाध्यक्ष और 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ चुके सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया है. इस तरह भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध के बाद वह तीसरे उम्मीदवार बन गए हैं.
ओडिशा में भी बढ़ेगी सियासी टक्कर
ओडिशा में भी एक राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प होने वाला है. यहां सत्तारूढ़ भाजपा ने दो उम्मीदवारों- प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा सांसद सुजीत कुमार को मैदान में उतारा है.
वहीं विपक्षी बीजद की ओर से संत्रुप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट डॉ. दत्तेश्वर होता ने नामांकन दाखिल किया है. इसके अलावा दिलीप राय ने भाजपा के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है, जिससे क्रॉस-वोटिंग की संभावना और बढ़ गई है.
महाराष्ट्र में कई नेताओं का निर्विरोध चुना जाना तय
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के छह उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है. इनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और भाजपा नेता विनोद तावड़े भी शामिल हैं. वहीं विपक्षी महा विकास अघाड़ी के उम्मीदवार शरद पवार का भी निर्विरोध निर्वाचन लगभग निश्चित माना जा रहा है.
इसी बीच अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा से पूर्व डिप्टी सीएम के बेटे पार्थ पवार ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने पार्टी प्रवक्ता ज्योति वाघमारे को उम्मीदवार बनाया है.
बंगाल में पांच सीटों के लिए नामांकन
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा ने पांच राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवार उतारे हैं.
तृणमूल कांग्रेस की ओर से मंत्री बाबुल सुप्रियो, राज्य के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, सुप्रीम कोर्ट की वकील मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोएल मलिक ने नामांकन दाखिल किया है. वहीं भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा को अपना एकमात्र उम्मीदवार बनाया है.
असम और तेलंगाना में भी उम्मीदवारों ने भरे पर्चे
असम में सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से भाजपा के जोगेन मोहन और तेराश गोवाला के साथ यूपीपीएल के प्रमोद बोरों ने नामांकन दाखिल किया है.
तेलंगाना में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं. सिंघवी को तेलंगाना से कार्यकाल पूरा होने के बाद फिर से उम्मीदवार बनाया गया है.
तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ में भी चुनावी प्रक्रिया जारी
तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के मौजूदा सांसद एम थंबिदुरई और पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने नामांकन दाखिल किया है. वहीं सत्तारूढ़ द्रमुक की ओर से तिरुचि शिवा और जे. कांस्टेंटिन रविंद्रन मैदान में हैं.
इसके अलावा द्रमुक की सहयोगी कांग्रेस के उम्मीदवार एम क्रिस्टोफर तिलक और डीएमडीके के कोषाध्यक्ष एल.के. सुदीश ने भी अपने पर्चे दाखिल किए हैं.
छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम ने भी नामांकन दाखिल किया है.
हिमाचल में कांग्रेस ने चौंकाया
हिमाचल प्रदेश की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने कांगड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया.
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी इस सीट के लिए उम्मीद लगाए हुए थे.
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीटें
इस बार जिन राज्यों में राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, उनमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सात सीटें हैं. तमिलनाडु में छह, बिहार और पश्चिम बंगाल में पांच-पांच, ओडिशा में चार, असम में तीन और हरियाणा, तेलंगाना तथा छत्तीसगढ़ में दो-दो सीटें खाली हो रही हैं. इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी एक सीट खाली है.
बिहार, ओडिशा और हरियाणा में एक-एक सीट पर कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है.
कई दिग्गज फिर पहुंचेंगे राज्यसभा
इस बार के चुनाव में कई नेता फिर से राज्यसभा में पहुंचने वाले हैं. इनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और रामदास आठवले के अलावा द्रमुक के नेता और पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष एम. थंबिदुरई तथा कांग्रेस के वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी शामिल हैं.


