मुंबईः भारत की स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स ने नवी मुंबई में गुरुवार 30 अक्टूबर को महिला विश्व कप 2025 के सेमीफाइनल में अपनी जिंदगी की सबसे यादगार पारी खेली. उन्होंने नाबाद 127 रन बनाकर भारत को फाइनल में पहुंचा दिया. इस जीत के बाद मैदान पर जेमिमा भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
भारत को 339 रनों का विशाल लक्ष्य मिला था. शुरुआत निराशाजनक रही जब शैफाली वर्मा केवल 13 रन के स्कोर पर आउट हो गईं. उस वक्त जेमिमा क्रीज पर उतरीं और टीम को संभालने की जिम्मेदारी उठाई. उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ 46 रनों की साझेदारी कर पारी को स्थिर किया.
इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ जेमिमा ने बेहतरीन साझेदारी निभाई. दोनों ने मिलकर 167 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जिसने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. जेमिमा ने अपने 100 रन केवल 115 गेंदों में पूरे किए. यह उनका वनडे करियर का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन था.
जब भारत को जीत के लिए अभी 100 से अधिक रनों की जरूरत थी, तब जेमिमा ने अपनी पारी को संभालते हुए स्ट्राइक रोटेट की और रन रेट बनाए रखा. दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष ने रनगति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. आख़िर में अमनजोत कौर के साथ जेमिमा ने विजयी रन पूरा किया.
जैसे ही जीत का रन बना, पूरा स्टेडियम तालियों की गूंज से भर गया. जेमिमा ने अमनजोत को गले लगाया और फिर भावनाओं पर काबू न रख सकीं. उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे. यह पल न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गया.
जेमिमा ने अपनी नाबाद 127 रनों की पारी में 14 चौके जड़े और भारत को महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत दिलाई. यह भारतीय महिला टीम की विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है.
मैच के बाद जेमिमा ने कहा कि सबसे पहले मैं जीसस क्राइस्ट का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं. पिछले छह महीने मेरे लिए बेहद मुश्किल थे, लेकिन भगवान ने मुझे संभाला. मैं अपने माता-पिता, परिवार और दोस्तों की भी आभारी हूं, जिन्होंने हर पल मेरा साथ दिया. उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने उन पर भरोसा किया.
इस जीत के साथ भारत ने महिला विश्व कप 2025 के फाइनल में जगह बना ली है. अब भारत 2 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से खिताबी मुकाबला खेलेगा. टीम का मनोबल चरम पर है, और जेमिमा की इस पारी ने न सिर्फ़ भारत को फाइनल में पहुंचाया है, बल्कि आने वाली पीढ़ी की खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है.
जेमिमा रोड्रिग्स की यह पारी भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है. एक ऐसी पारी, जिसने मुश्किल घड़ी में उम्मीद को नई उड़ान दी.
First Updated : Friday, 31 October 2025