नई दिल्ली: श्रीलंका के दांबुला क्रिकेट स्टेडियम में खेली जा रही त्रिकोणीय सीरीज के चौथे मुकाबले में इंडिया-ए की टीम भारी संकट में नजर आ रही है. श्रीलंका-ए के खिलाफ खेले जा रहे इस 'करो या मरो' के मुकाबले में मेजबान टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो दांबुला की टर्निंग पिच पर पूरी तरह सही साबित हुआ.
टीम की पारी बुरी तरह लड़खड़ा गई
श्रीलंकाई स्पिन गेंदबाजों के तीखे टर्न के सामने भारतीय मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह गया और टीम की पारी बुरी तरह लड़खड़ा गई. कप्तान तिलक वर्मा की अगुवाई में उतरी इंडिया-ए के लिए यह मैच फाइनल की रेस में बने रहने के लिए बेहद जरूरी है. इससे पहले टीम ने श्रीलंका-ए को मात दी थी, लेकिन अफगानिस्तान-ए के खिलाफ डकवर्थ-लुईस नियम के चलते उसे हार का सामना करना पड़ा था.
सूर्यावंशी फिर फ्लॉप
भारतीय पारी की शुरुआत एक बार फिर निराशाजनक रही. टीम के युवा विस्फोटक ओपनर वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके. उन्होंने महज 13 गेंदों का सामना किया और 3 चौके व 1 गगनचुंबी छक्के की मदद से 21 रन बनाकर अपना विकेट गंवा बैठे. सूर्यवंशी इस पूरी सीरीज में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने पिछले मैच में श्रीलंका-ए के खिलाफ 14 और अफगानिस्तान-ए के विरुद्ध 44 रन बनाए थे.
आयुष बडोनी भी पिच पर नहीं टिक पाएं
मध्यक्रम में आए आयुष बडोनी ने पिच पर संघर्ष तो किया, लेकिन वे रन गति को गति नहीं दे पाए. बडोनी ने 35 गेंदों का सामना करते हुए बेहद धीमी बल्लेबाजी की और सिर्फ 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. उनके आउट होते ही इंडिया-ए ने 126 रन के स्कोर पर अपना छठा विकेट खो दिया.
वियासकांत की फिरकी का जादू
दांबुला की पिच पर जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, स्पिनरों के लिए मदद बढ़ती गई. श्रीलंका-ए के लेग स्पिनर विजयकांत वियासकांत ने भारतीय बल्लेबाजों को अपनी उंगलियों पर नचाया. क्रीज पर टिकने की कोशिश कर रहे अनुकूल रॉय 27 गेंदों में सिर्फ 8 रन बनाकर वियासकांत का शिकार बने. वियासकांत ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए अपने स्पेल के 6.1 ओवरों में महज 9 रन खर्च किए. अनुकूल के आउट होने के समय भारतीय टीम का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 143 रन था. First Updated : Monday, 15 June 2026