आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक तीन मैच बारिश से प्रभावित हुए हैं. ग्रुप स्टेज में बारिश के कारण मैच रद्द होने के बाद टीमों ने एक-एक अंक साझा किया. लेकिन अगर ऐसा ही कुछ इस शोपीस इवेंट के सेमीफाइनल मुकाबलों में भी हुआ तो क्या होगा? इस मामले में, सेमीफाइनल और फाइनल दोनों के लिए रिजर्व डे रखा गया है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला दुबई में खेला जाना है, जहां बारिश के कारण मैच रद्द होने की संभावना लगभग शून्य है. हालांकि, अगर सेमीफाइनल में वाकई बारिश होती है, तो मैच को उसी दिन पूरा करने की पूरी कोशिश की जाएगी. अगर ऐसा संभव नहीं होता है, तो मैच रिजर्व डे पर वहीं से शुरू होगा, जहां से इसे रोका गया था. अगर रिजर्व डे पर भी मैच पूरा नहीं होता है, तो ग्रुप स्टेज में तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई कर जाएगी.
इसके अलावा नॉकआउट मैचों में डीएलएस पद्धति के माध्यम से परिणाम तय करने के लिए बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को कम से कम 25 ओवर पूरे करने चाहिए. दूसरा सेमीफाइनल न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच लाहौर में खेला जाएगा, जहां बारिश की संभावना है.
अगर दोनों सेमीफाइनल मैच बारिश की भेंट चढ़ जाते हैं तो भारत और दक्षिण अफ्रीका फाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएंगे. अगर फाइनल भी बारिश की भेंट चढ़ जाता है, तो ट्रॉफी दोनों टीमों में शेयर की जाएगी. दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले आठ संस्करणों में से केवल एक बार चैंपियंस ट्रॉफी को शेयर किया गया है, 2002 में जब भारत और श्रीलंका के बीच फाइनल दो बार बारिश की भेंट चढ़ गया था, जिसमें रिजर्व डे भी शामिल था. हालांकि, उस समय की खेल स्थितियों के अनुसार, रिजर्व डे पर भी मैच फिर से खेला गया था.
दोनों दिनों में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की और पूरे 50 ओवर खेले, लेकिन बारिश के कारण दोनों ही मौकों पर भारत की पारी 10 ओवर से आगे नहीं बढ़ सकी. First Updated : Tuesday, 04 March 2025