महाराष्ट्र के भिवंडी में रंगाई फैक्ट्री में लगी भीषण आग, फैली अफरा-तफरी

महाराष्ट्र के भिवंडी क्षेत्र में शनिवार को एक रंगाई फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई.

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Fire breaks out in Bhiwandi: महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले के भिवंडी क्षेत्र में शनिवार को एक रंगाई फैक्ट्री में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और तुरंत ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. फिलहाल राहत की बात यह है कि किसी के हताहत या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है. आग लगने के कारणों की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है और प्रशासन विस्तृत विवरण का इंतज़ार कर रहा है.

किसी के हताहत होने की खबर नहीं 

भिवंडी में यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब हाल के दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं. कुछ ही दिन पहले मुंबई के मलाड पश्चिम स्थित सोमवारी बाजार इलाके में पटाखों की एक दुकान में अचानक आग लग गई थी. पुलिस के मुताबिक शॉर्ट सर्किट से लगी इस आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. दुकान के पास कई अन्य छोटी दुकानें भी थीं, लेकिन आग फैलने से पहले ही उसे रोक दिया गया. पटाखों की दुकान संचालक लाइसेंसधारी था और पुलिस ने पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया.

सोलापुर में हुआ था हादसा 

इसी क्रम में एक माह पूर्व सोलापुर जिले के एमआईडीसी क्षेत्र स्थित सेंट्रल टेक्सटाइल मिल्स में बड़ा हादसा हुआ था. सुबह करीब 3:45 बजे लगी आग ने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. इस घटना में फैक्ट्री मालिक हाजी उस्मान हसनभाई मंसूरी, उनके डेढ़ साल के पोते समेत परिवार के अन्य दो सदस्य और चार कर्मचारियों की मौत हो गई थी. कुल आठ लोगों की जान चली गई थी. घटना का कारण भी शॉर्ट सर्किट ही बताया गया. आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि दमकलकर्मियों को पांच से छह घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाना पड़ा.

पीएम मोदी ने व्यक्त किया था शोक 

इस त्रासदी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया. राष्ट्रपति ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री ने पीड़ित परिवारों को पीएम राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की.

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रशासन को अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता का संकेत दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योग क्षेत्रों और घनी आबादी वाले बाज़ारों में विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना ज़रूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके. First Updated : Saturday, 06 September 2025