गंगा एक्सप्रेसवे पर फाइटर जेट उतरते ही उत्तर प्रदेश ने रचा इतिहास, चार एयरस्ट्रिप वाला बना पहला राज्य
उत्तर प्रदेश ने रणनीतिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना के लिए समर्पित नाइट लैंडिंग हवाई पट्टी का निर्माण पूरा कर लिया है. इसके साथ ही राज्य चार परिचालित एक्सप्रेसवे एयरस्ट्रिप वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है. यह पहल न केवल सैन्य जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. यह उपलब्धि राज्य की विकासशील सोच और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच उत्तर प्रदेश ने एक और कीर्तिमान स्थापित करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना के लिए नाइट लैंडिंग की सुविधा से युक्त समर्पित हवाई पट्टी तैयार कर ली है. इस उपलब्धि के साथ ही उत्तर प्रदेश भारत का पहला राज्य बन गया है, जिसके पास चार पूरी तरह से परिचालित एक्सप्रेसवे एयरस्ट्रिप हैं. यह न केवल राज्य की बुनियादी ढांचे में बढ़ती ताकत को दर्शाता है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को “विकास की जीवनरेखा और राष्ट्रीय सुरक्षा का रनवे” बताते हुए कहा कि यह हवाई पट्टी राज्य और देश दोनों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.इस लैंडिंग पट्टी पर फाइटर जेट दिन और रात में भी उतर सकते हैं और उड़ान भर सकते हैं, जो युद्धकाल या आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना की सामरिक तैयारियों को मजबूती प्रदान करेगी.
राज्य के अन्य एक्सप्रेसवे जिन पर वायुसेना के लिए हवाई पट्टियां
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
यह भारत का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे था, जिसे वायुसेना ने आपातकालीन लैंडिंग के लिए इस्तेमाल किया था. कानपुर से सटे उन्नाव जिले में 3.2 किमी लंबी विशेष पट्टी बनाई गई थी. सुखोई Su-30 एमकेआई और जगुआर और मिराज-2000 जैसे विमानों ने 2017 में यहां अभ्यास किया था.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
वर्ष 2021 में उद्घाटन के समय ही इस एक्सप्रेसवे की सामरिक विशेषताएं सामने आई थीं. सुल्तानपुर जिले में स्थित 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी पर मिराज और एएन-32 विमानों ने लाइव प्रदर्शन किया. इसका डिज़ाइन सैन्य उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया था.
यमुना एक्सप्रेसवे
ग्रेटर नोएडा और आगरा को जोड़ने वाले इस राजमार्ग पर पहली बार 2015 में मिराज-2000 ने लैंडिंग की थी. हालांकि इसे स्थायी पट्टी का दर्जा नहीं मिला, लेकिन इसने भविष्य के सामरिक उपयोग की नींव रखी. आपको बता दें कि यमुना एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 2012 में हुआ था.
अन्य राज्यों में भी हैं एयर स्ट्रिप
राजस्थान – NH 925A
बाड़मेर जिले में गंधव भाकासर के पास 3.5 किमी लंबी पट्टी 2021 में तैयार की गई थी. इस पर राफेल, जगुआर और सुखोई विमानों ने लैंडिंग की है. यह देश का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग है जिसे आधिकारिक रूप से एयरस्ट्रिप में बदला गया.
ओडिशा – NH-16 (बालासोर)
चांदीपुर और व्हीलर द्वीप जैसे रक्षा ठिकानों के निकट स्थित यह पट्टी कम प्रचारित है, पर रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है.


