यूपी पुलिस परीक्षा से पहले भर्ती बोर्ड का तगड़ा फरमान जारी, अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी सामग्री साझा करने वालों को सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. नए उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा कानून 2024 के तहत दोषी पाए जाने पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना और उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

उत्तर प्रदेश में पुलिस की नौकरी पाने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी सामने आई है. बीते कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य पर गहरा असर डाला था. इसको देखते हुए अब राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि आगामी भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अफवाह को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

लखनऊ से आधिकारिक नोटिस जारी

जो भी अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश पुलिस की आने वाली भर्ती परीक्षाओं, जैसे कांस्टेबल या सब-इंस्पेक्टर भर्ती में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए यह निर्देश बेहद अहम हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से लखनऊ से एक आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया के जरिए परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने या प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री साझा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बोर्ड का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है.

आज के समय में टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जानकारी तेजी से फैलती है. कई बार कुछ लोग लोकप्रियता हासिल करने या भोले-भाले अभ्यर्थियों को ठगने के उद्देश्य से कथित ‘लीक पेपर’ या परीक्षा से जुड़ी सामग्री साझा करने लगते हैं. भर्ती बोर्ड ने साफ चेतावनी दी है कि परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र, उसके कंटेंट या किसी भी प्रकार का विश्लेषण सोशल मीडिया पर साझा करना या उस पर चर्चा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके लिए पुलिस की साइबर टीमें चौबीसों घंटे इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए हुए हैं. 

भारी जुर्माना और कठोर सजा का प्रावधान

यदि कोई व्यक्ति मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रॉनिक या अन्य किसी माध्यम से प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक करने या फैलाने की कोशिश करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने नकल और पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए हाल ही में ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ लागू किया है. यह कानून देश के सबसे कड़े एंटी-पेपर लीक कानूनों में माना जा रहा है. इसके तहत यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की गोपनीयता भंग करने, पेपर लीक कराने या उससे संबंधित अफवाह फैलाने में शामिल पाया जाता है तो उस पर भारी जुर्माना और कठोर सजा का प्रावधान है. इस कानून के अनुसार दोषी पाए जाने पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकती है.

इतना ही नहीं, अभ्यर्थियों को यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि वे किसी ऐसे व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप का हिस्सा हैं जहां कथित ‘लीक पेपर’ या ‘आंसर की’ के नाम पर सामग्री साझा की जा रही है और वे उसे आगे फॉरवर्ड करते हैं तो उन्हें भी इस कानून के दायरे में लाया जा सकता है. इसलिए छात्रों को ऐसे किसी भी संदिग्ध ग्रुप या संदेश से दूर रहने की सलाह दी गई है.

ओएमआर शीट को लेकर सख्त निर्देश जारी 

परीक्षा केंद्रों पर होने वाली संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए बोर्ड ने ओएमआर शीट को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा खत्म होने के बाद अपनी मूल ओएमआर शीट अपने साथ बाहर नहीं ले जा सकता. यदि कोई उम्मीदवार या अन्य व्यक्ति परीक्षा केंद्र से मूल ओएमआर शीट बाहर ले जाने की कोशिश करता हुआ पकड़ा जाता है या उसके पास बिना अनुमति परीक्षा सामग्री पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. ऐसी स्थिति में न केवल उम्मीदवार की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी, बल्कि उसके भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.

भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहें।. यूट्यूब या टेलीग्राम पर “पेपर लीक हो गया”, “यही सवाल आएंगे” या “पक्की आंसर की” जैसे भ्रामक दावों वाले वीडियो और लिंक से बचना बेहद जरूरी है. परीक्षा से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल भर्ती बोर्ड की वेबसाइट https://uppbpb.gov.in https://uppbpb.gov.in पर ही भरोसा किया जाए.

इसके अलावा यदि किसी उम्मीदवार को यह महसूस होता है कि कोई व्यक्ति परीक्षा के नाम पर पैसे मांग रहा है या सोशल मीडिया पर पेपर बेचने का दावा कर रहा है, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए.

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