Bihar Voter List: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत चुनाव आयोग ने शुक्रवार को मतदाता सूची का पहला ड्राफ्ट जारी कर दिया है. यह सूची विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है. सभी मतदाता आज यानी 1 अगस्त को दोपहर 3 बजे से इसे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क कर या शनिवार से संबंधित बूथ पर जाकर अपना और परिवार के अन्य सदस्यों का नाम मतदाता सूची में देख सकता है. वहीं, नाम जुड़वाने, हटवाने या सुधार कराने के लिए दावे-आपत्तियां भी ली जाएंगी.
चुनाव आयोग द्वारा यह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट वेबसाइट https://voters.eci.gov.in पर अपलोड की जाएगी. मतदाता सूची सीधे इस लिंक से भी डाउनलोड की जा सकती है: https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04.
इसके अलावा https://electoralsearch.eci.gov.in और https://electoralsearch.eci.gov.in/pollingstation वेबसाइट पर भी नाम की जांच की जा सकती है.
बिहार के सभी 38 जिलों के 90,000 बूथों पर यह प्रारूप मतदाता सूची सार्वजनिक की गई है. आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी डीईओ (जिला निर्वाचन अधिकारी) मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को यह सूची डिजिटल और प्रिंटेड फॉर्म में उपलब्ध कराएं.
1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक सभी 243 निर्वाचन क्षेत्रों में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और निर्वाचक निबंधन अधिकारी (ईआरओ) दावे एवं आपत्तियां आमंत्रित करेंगे. इस अवधि में कोई भी नागरिक अपने नाम को जोड़ने, हटवाने या सुधारने के लिए आवेदन कर सकता है.
राज्य के सभी प्रखंड कार्यालयों और नगर निकाय क्षेत्रों (नगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगम) में 2 अगस्त से हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विशेष शिविर लगाए जाएंगे.
इन शिविरों में नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से नया नाम जोड़ने, फॉर्म-7 से गलत प्रविष्टियों को हटवाने और फॉर्म-8 से नाम व स्थानांतरण या संशोधन हेतु आवेदन कर सकेंगे.
चुनाव आयोग ने बीएलओ को निर्देश दिया है कि वे दिव्यांग और बुजुर्ग नागरिकों से उनके घर जाकर फॉर्म प्राप्त करें. इसके बाद सभी आवेदन संबंधित ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ को विधानसभा और बूथ के अनुसार अलग-अलग कर सौंपे जाएंगे.
हर आवेदनकर्ता को उसकी ओर से जमा किए गए आवेदन की पावती (रसीद) अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी. साथ ही आवेदक दस्तावेज और फोटो भी साथ जमा कर सकते हैं.
प्रत्येक विशेष कैंप में कम से कम दो कर्मचारी, जिनमें एक कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल होगा, तैनात किए जाएंगे. कैंप स्थल की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाएगी. शिविर का प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया गया है.
सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं को विशेष शिविरों की जानकारी समय पर दी जाएगी. साथ ही कैंप की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी. First Updated : Friday, 01 August 2025