Bihar Election Result: सब व्यवस्था ठीक...आधी रात को मतगणना स्थल पर पहुंचे तेज प्रताप, RJD कैंडिडेट पर कसा तंज

तेज प्रताप यादव महुआ सीट से अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल पर चुनाव लड़ रहे हैं और मतगणना से पहले स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर चर्चा में रहे. सुनील सिंह पर हमला किया, ECI पर भरोसा जताया. महुआ में उनका मुकाबला बेहद कड़ा है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों से ठीक एक दिन पहले महुआ सीट पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. आरजेडी से निष्कासित होने के बाद तेज प्रताप यादव पहली बार अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं, और इसी वजह से उन पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हैं. यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने दम पर कितनी राजनीतिक पकड़ दिखा पाते हैं.

आधी रात स्ट्रांग रूम का निरीक्षण

गुरुवार देर रात तेज प्रताप यादव अचानक वैशाली के राजनारायण कॉलेज पहुंचे, जहां महुआ विधानसभा क्षेत्र का स्ट्रांग रूम बनाया गया है. उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था को संतोषजनक बताया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम सिर्फ देखने आए थे, सब व्यवस्था ठीक लगी. उनका यह दौरा मतगणना से पहले माहौल को और भी गर्म कर गया.

सुनील सिंह पर तेज प्रताप का पलटवार

पत्रकारों ने जब उनसे आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया मांगी कि 2020 जैसा कुछ हुआ तो बिहार में नेपाल जैसा नजारा दिखेगा, तो तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो फालतू आदमी हैं. उनकी बात की कोई वैल्यू नहीं है. ऐसे लोग बेकार हैं. सुनील सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर का स्वागत करते हुए तेज प्रताप ने इसे सही कदम बताया और कहा कि ऐसे भड़काऊ नेताओं पर कार्रवाई होनी ही चाहिए.

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर क्या बोले तेज प्रताप?

कुछ विपक्षी नेताओं द्वारा ECI की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने पर तेज प्रताप ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने खुद स्ट्रांग रूम देखकर स्थिति सामान्य पाई. हम तो अभी निरीक्षण करके आए हैं, ऐसी कोई बात नहीं दिखी. उनके इस बयान से ECI पर अविश्वास की कथित राजनीति को झटका लगा है.

महुआ सीट पर तगड़ी लड़ाई

महुआ विधानसभा सीट इस बार बेहद दिलचस्प मुकाबले वाली है. RJD ने यहां से वर्तमान विधायक मुकेश रोशन को टिकट दिया है. तेज प्रताप यादव पहले भी यहां के विधायक रह चुके हैं. इस बार वे अपनी नई पार्टी की साख बचाने और अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक जमीन साबित करने की कोशिश में हैं. महुआ में मुकाबला सीधा और भावनात्मक दोनों है एक तरफ RJD की कोशिश सीट बचाने की है, तो दूसरी तरफ तेज प्रताप की राजनीतिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.

तेज प्रताप की जीत का राजनीतिक महत्व

यदि तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी से जीतते हैं, तो यह न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत ताकत का प्रदर्शन होगा बल्कि यह भी साबित करेगा कि यादव वोटबैंक पर उनकी अलग पकड़ अभी भी मौजूद है. अगर परिणाम इसके उलट आते हैं, तो उनकी राजनीतिक भविष्य की दिशा को लेकर कई बड़े सवाल उठ सकते हैं.

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