पटनाः बिहार की राजनीति एक बार फिर परिवारिक मतभेदों के कारण सुर्खियों में है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव अब आमने-सामने नजर आ रहे हैं. जहां एक ओर तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम चेहरा माना जा रहा है, वहीं उनके बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने सार्वजनिक रूप से उन पर निशाना साधा है.
महुआ में दिए गए तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि हमारे छोटे और नादान भाई ने कहा कि पार्टी से बड़ा कोई नहीं होता. लेकिन हम कहना चाहते हैं कि पार्टी से बड़ी जनता होती है, वही असली मालिक है. लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर है, कोई पार्टी या परिवार नहीं.
तेज प्रताप ने आगे कहा कि उनके लिए महुआ सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक कर्मभूमि है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी और परिवार से पहले जनता आती है क्योंकि वही लोकतंत्र की नींव है.
रविवार को तेजस्वी यादव वैशाली जिले की महुआ सीट पर आरजेडी उम्मीदवार मुकेश रौशन के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई आए या जाए, पार्टी से बड़ा कोई नहीं है. पार्टी ही मां-बाप है, पार्टी है तो सब कुछ है. अगर पार्टी नहीं, तो कुछ भी नहीं. महुआ से लालटेन और लालू यादव का झंडा ही लहराएगा. कोई भ्रम नहीं रखना चाहिए. लालटेन जलेगी तभी तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी.” तेजस्वी के इस बयान को राजनीतिक हलकों में तेज प्रताप पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है, क्योंकि वे हाल ही में पार्टी लाइन से अलग बयानबाजी करते नजर आए हैं.
तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच मतभेद कोई नई बात नहीं है. दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक सोच और काम करने के तरीकों को लेकर पहले भी असहमति सामने आ चुकी है. जहां तेजस्वी एक संगठित और रणनीतिक नेता के रूप में उभरे हैं, वहीं तेज प्रताप अपने भावनात्मक और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. हालांकि दोनों भाई खुद को एक-दूसरे का समर्थक बताते हैं, लेकिन उनके बयान अकसर राजनीतिक दूरी को उजागर कर देते हैं.
इस पारिवारिक विवाद के बीच लालू परिवार की बेटी रोहिणी आचार्य ने सुलह का संदेश दिया है. राघोपुर में तेजस्वी यादव के लिए प्रचार के दौरान जब उनसे तेज प्रताप पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि तेज प्रताप मेरा भाई है और मेरा आशीर्वाद हमेशा उसके साथ रहेगा. वह जनता की सेवा करेंगे और जीतेंगे. हर बहन चाहती है कि परिवार एकजुट रहे. हमारी आपस में बात होती रहती है. रोहिणी के इस बयान ने यह साफ कर दिया कि परिवार के भीतर मतभेद भले हों, लेकिन रिश्तों में कड़वाहट नहीं आई है.
First Updated : Monday, 03 November 2025