CM भगवंत मान ने किया बड़ा ऐलान, पंजाब बनेगा देश का प्रमुख पर्यटन केंद्र

पंजाब सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एडवेंचर और ग्रामीण पर्यटन जैसी बड़ी योजनाएं शुरू की हैं. इन पहलों से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पंजाब सरकार ने राज्य को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों की सूची में शामिल करने के लिए बड़े स्तर पर पहल शुरू की है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में घोषणा की कि पठानकोट से सटे पहाड़ी क्षेत्रों को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाया जाएगा. साथ ही अमृतसर और मोहाली जैसे शहरों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में पंजाब न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी पहचान बनाएगा.

सीएम मान ने निवेशकों को दिया खुला निमंत्रण

पर्यटन और मनोरंजन उद्योग को गति देने के लिए सीएम मान ने निवेशकों को खुला निमंत्रण दिया है. इस पहल के तहत पंजाब में अत्याधुनिक फिल्म सिटी विकसित की जाएगी, जो बॉलीवुड और पंजाबी सिनेमा दोनों के लिए नया केंद्र बनेगी. इसके अलावा अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा, जिससे खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

राज्य सरकार का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में लिए गए निर्णयों ने पंजाब की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरी है. 2024-25 में 73 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है, जिससे यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है. हाल ही में पारित “पंजाब टूरिज़्म एंड हेरिटेज अथॉरिटी एक्ट, 2025” को पर्यटन क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. इसके जरिए निवेशकों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस मिलेगा और स्थानीय समुदायों को सीधे पर्यटन राजस्व में हिस्सा दिया जाएगा.

सरकार ने शहीदों की विरासत को संरक्षित करने पर भी विशेष ध्यान दिया है. खटकर कलां स्थित शहीद भगत सिंह संग्रहालय को 3D होलोग्राम और इंटरैक्टिव डिस्प्ले जैसी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया गया है. वहीं, फिरोज़पुर का सारागढ़ी म्यूज़ियम और अमृतसर का जलियांवाला बाग अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं.

शाहपुरकंडी डेम को एडवेंचर स्पोर्ट्स का हब बनाने की तैयारी

पठानकोट और आसपास के पहाड़ी इलाकों को ‘हिमालयन गेटवे ऑफ पंजाब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है. रंजीत सागर डैम और शाहपुरकंडी डेम को एडवेंचर स्पोर्ट्स का हब बनाने की तैयारी है, जहां वाटर स्पोर्ट्स, जिप-लाइनिंग और लक्जरी फ्लोटिंग रिसॉर्ट्स जैसी सुविधाएं मिलेंगी. कंडी इलाके में जंगल सफारी, ट्रैकिंग रूट और होमस्टे कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं. एडवेंचर टूरिज़्म के लिए अमृतसर के चमरोड पोर्ट पर पैराग्लाइडिंग और हॉट-एयर बलून राइड्स की शुरुआत की गई है. इसके साथ ही राज्य में रॉक क्लाइंबिंग, साइक्लिंग ट्रैक और नेचर ट्रेल्स जैसे आकर्षण भी बनाए जा रहे हैं.

ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में भी पंजाब ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. गुरदासपुर का नवांपिंड सरदारां ‘भारत का बेस्ट टूरिज़्म विलेज 2023’ घोषित हुआ, जबकि फतेहगढ़ साहिब का हंसाली फार्मस्टे एग्री-टूरिज़्म में पुरस्कृत हुआ. इन पहलों ने ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय उत्पादों को नया बाज़ार उपलब्ध कराया है.

राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने बड़े आयोजन किए हैं. फिरोज़पुर का बसंत मेला, किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स और धार्मिक पर्वों पर विशेष कार्यक्रमों ने लाखों पर्यटकों को आकर्षित किया. लोक नृत्य, सूफी संगीत और पंजाबी त्योहार अब राज्य के पर्यटन कैलेंडर का हिस्सा बन चुके हैं.

नई टूरिज़्म ऐप लॉन्च 

डिजिटल माध्यम से पर्यटन को और सुविधाजनक बनाने के लिए नई टूरिज़्म ऐप लॉन्च की गई है. इसमें होटल बुकिंग से लेकर गाइड और इमरजेंसी सेवाओं तक सभी जानकारी उपलब्ध है. प्रमुख स्थलों पर Wi-Fi, स्मार्ट टॉयलेट्स और सेल्फी पॉइंट्स की सुविधा भी दी जा रही है.

पर्यटन निवेश ने रोजगार सृजन को नई दिशा दी है. हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट, हैंडीक्राफ्ट और गाइड सेवाओं में हजारों नौकरियां बनी हैं. साथ ही फिल्म सिटी और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसे प्रोजेक्ट्स से भविष्य में और अवसर पैदा होंगे.

क्या है पंजाब सरकार का लक्ष्य ? 

पंजाब सरकार का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में राज्य न केवल भारत के शीर्ष पर्यटन स्थलों में शामिल हो, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाए. स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी इस योजना का मूल है, जिससे पंजाब जिम्मेदार और समावेशी पर्यटन मॉडल की ओर अग्रसर है.

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