Delhi Schools Bomb Threat: दिल्ली में एक बार फिर से बम धमाके की अफवाह ने सनसनी फैला दी. 18 अगस्त को राजधानी के कम से कम 32 स्कूलों को एक ही जैसे धमकी भरे ईमेल मिले, जिनमें स्कूल भवनों में बम लगाने का दावा किया गया था. इसके बाद पुलिस ने तुरंत सभी स्कूलों को खाली कराया और तलाशी अभियान शुरू किया. हालांकि जांच के बाद यह आशंका निराधार पाई गई और पुलिस ने इसे अफवाह करार दिया.
धमकी भरे इस मेल के पीछे खुद को Terrorizers 111 Group बताने वाला गिरोह सामने आया है. इस मेल में समूह ने दावा किया कि उन्होंने स्कूलों में पाइप बम और एडवांस विस्फोटक उपकरण लगाए हैं. मेल में धमकी दी गई है कि यदि 72 घंटे के भीतर उन्हें 5000 डॉलर क्रिप्टोकरेंसी में नहीं दिए गए तो बम धमाके किए जाएंगे.
ईमेल में लिखा था, "72 घंटों के अंदर हमारे एथेरियम पते पर क्रिप्टो में 5000 डॉलर भेजो, वरना हम बम विस्फोट कर देंगे. जान बचाने के लिए अभी खाली कर दें. हम माफ नहीं करते. हम भूलते नहीं. पैसे भेजो, वरना अंजाम भुगतो." संदेश में स्कूलों को तुरंत खाली कराने की चेतावनी दी गई और पुलिस को जानकारी देने पर तुरंत कार्रवाई करने की धमकी दी गई.
मेल भेजने वाले ग्रुप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने स्कूलों के आईटी सिस्टम हैक कर लिए हैं. इसके अलावा उन्होंने छात्रों और स्टाफ का संवेदनशील डाटा चोरी करने और स्कूलों की सीसीटीवी कैमरा प्रणाली पर नियंत्रण हासिल करने की बात कही.
जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें ग्लोबल स्कूल, BGS इंटरनेशनल, द्वारका इंटरनेशनल, ऑक्सफोर्ड फाउंडेशन (बाबा हरिदास नगर), श्रीराम इंटरनेशनल (नजफगढ़), आंध्रा स्कूल (प्रसाद नगर) और द्वारका क्षेत्र के कई अन्य स्कूल शामिल हैं.
धमकी भरे मेल के बाद डीपीएस द्वारका ने स्कूल बंद करने का निर्णय लिया. स्कूल प्रशासन ने कहा, "अपरिहार्य कारणों से सोमवार को स्कूल बंद कर दिया गया है. स्कूल बसों और निजी वैन से यात्रा करने वाले छात्रों को तुरंत वापस भेज दिया जा रहा है, और बस ड्यूटी पर तैनात शिक्षक स्थान की जानकारी साझा करेंगे. अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को संबंधित बस स्टॉप से ले जाएं. निजी बसों से आने वाले बच्चों के लिए, अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को सीधे स्कूल से ले जाए."
पिछले कुछ महीनों में यह तीसरी बड़ी घटना है जब दिल्ली के स्कूलों को बम धमाके की फर्जी धमकी दी गई. जुलाई महीने में भी लगातार चार दिनों तक कई स्कूलों और कॉलेजों को ऐसे मेल मिले थे.
एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड प्राइवेट रिकग्नाइज्ड स्कूल्स के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा, "ये खतरे शैक्षणिक कार्यक्रम में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा करते हैं और छात्रों, उनके परिवारों और शिक्षकों में भय और चिंता पैदा करते हैं." First Updated : Tuesday, 19 August 2025