केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पूर्ण होने के बाद राजधानी में यातायात बढ़ने की संभावना के मद्देनजर दो नए यातायात लिंक के लिए व्यवहार्यता अध्ययन करने का आदेश दिया है. ये निर्देश 4 जून को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में दिये गए, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थे.
गडकरी ने बैठक में दो नए लिंक प्रस्तावित किए: पहला, सराय काले खां से आईएनए-नेल्सन मंडेला मार्ग एलिवेटेड कॉरिडोर तक एक सुरंग या एलिवेटेड खंड बनाना; दूसरा, ग्यारह मूर्ति या तालकटोरा स्टेडियम से उसी एलिवेटेड कॉरिडोर तक एक सुरंग का निर्माण. रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रस्तावित लिंकों का उद्देश्य एनडीएमसी और मध्य दिल्ली के क्षेत्र में बढ़ रहे यातायात दबाव को कम करना है.
नितिन गडकरी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को निर्देश दिया है कि ये नए लिंक आगामी बोलियों में शामिल किए जाएं. एनएचएआई ने आईएनए-नेल्सन मंडेला मार्ग लिंक के लिए पहले ही बोलियाँ आमंत्रित कर रखी हैं और कई कंसल्टेंसी फर्मों से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए प्रतिक्रिया प्राप्त कर चुका है. अधिकारी बताते हैं कि दो प्रस्तावित लिंक के लिए व्यवहार्यता अध्ययन को डीपीआर में शामिल किया जा सकता है, जिससे यातायात प्रबंधन में सहायता मिलेगी.
5 जून को टाइम्स ऑफ इंडिया ने जानकारी दी थी कि एनएचएआई ग्यारह मूर्ति से आईएनए-नेल्सन मंडेला मार्ग तक सुरंग के लिए तकनीकी अध्ययन करेगा, ताकि इस संपर्क की व्यवहार्यता जांची जा सके.
मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी बताया कि सराय काले खां को आईजीआई एयरपोर्ट से जोड़ने वाली सुरंग के लिए भी अध्ययन किया जाएगा. गडकरी ने 4 जून की बैठक के दौरान कहा कि मौजूदा परियोजनाएं एनडीएमसी और मध्य दिल्ली में यातायात की समस्या को पूरी तरह से हल नहीं कर पाएंगी.
दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे फिलहाल रिंग रोड के पास सराय काले खां तक सीमित हैं, जबकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के डीएनडी-सोहना लिंक के इस वर्ष के अंत तक खुलने की संभावना है. गडकरी ने कहा कि इन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद एनडीएमसी और मध्य दिल्ली में यातायात और बढ़ेगा, खासकर रिंग रोड पर पहले से मौजूद जाम की समस्या के कारण.
इस स्थिति को देखते हुए गडकरी ने दो प्रस्तावित सुरंग लिंक के लिए शीघ्र व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में यातायात की भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके और दिल्ली के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आवागमन सुगम बनाया जा सके. First Updated : Sunday, 06 July 2025