राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है. इस फैसले के तहत कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनका उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार करना है.
बढ़ते एक्यूआई (AQI) को लेकर आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ता है, तो जल्द ही और कड़े प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं. फिलहाल, GRAP-1 के तहत पुराने वाहनों के संचालन पर रोक, होटलों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी समेत कई उपाय लागू किए गए हैं.
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली का औसत AQI 217 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है. नियमों के मुताबिक, जब AQI 200 से 300 के बीच पहुंच जाता है, तो GRAP का पहला चरण लागू कर दिया जाता है. इसी के तहत राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कड़े फैसले लिए गए हैं. आयोग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP-1 के तहत पूरे NCR क्षेत्र में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.
GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्लीवासियों को इन नए नियमों का पालन करना होगा:
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, अगर AQI 350 से ऊपर चला जाता है, तो GRAP-3 के नियम तत्काल प्रभाव से लागू किए जाएंगे. वहीं, अगर प्रदूषण का स्तर 400 पार कर जाता है, तो GRAP-4 के तहत और सख्त प्रतिबंधों को लागू किया जाएगा. वायु गुणवत्ता विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली की हवा और अधिक जहरीली हो सकती है. ऐसे में प्रशासन को सख्ती से नियमों का पालन कराना होगा ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके.
दिल्ली सरकार और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण रोकने में सहयोग करें और लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें, ताकि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके. First Updated : Wednesday, 02 April 2025