हरपाल सिंह चीमा का बड़ा दावा, 'भगवंत मान सरकार ने 63 हजार युवाओं को दी नौकरी'

हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा में कहा कि भगवंत मान सरकार ने 63,000 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और कौशल विकास व सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है. उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकारें नशे और विकास के मुद्दे पर असफल रहीं, जबकि मौजूदा सरकार ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से पेश किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर तेजी से काम कर रही है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस विधायकों के वॉकआउट पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि विपक्ष राज्य में हो रहे विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहा, इसलिए सदन से बाहर चला गया.

वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजन को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत ही 30 हजार सरकारी नौकरियों के विज्ञापन जारी करके की थी. सरकार का उद्देश्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बेहतर भविष्य के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े. उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सरकार लगभग 63 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है. इससे युवाओं का सरकार पर भरोसा बढ़ा है और विदेश जाने की प्रवृत्ति में भी कमी आई है.

कौशल विकास के क्षेत्र में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार तकनीकी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. बढ़ती मांग को देखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में करीब 20 हजार नई सीटें बढ़ाई गई हैं. उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के समय पंजाब में आईटीआई की लगभग 35 हजार सीटों में से बड़ी संख्या खाली रह जाती थी, लेकिन अब सरकार उन्हें भरने और युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देने पर जोर दे रही है.

नशे की समस्या पर बोलते हुए हरपाल सिंह चीमा ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें पंजाब में नशे की समस्या पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण नहीं कर सकीं. उन्होंने याद दिलाया कि ‘चिट्टा’ जैसे शब्दों ने राज्य की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया. साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावों के दौरान नशे के खिलाफ कड़े कदम उठाने के वादे किए गए थे, लेकिन बाद में ठोस परिणाम सामने नहीं आए.

वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है. इसके अलावा सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षण लागू करते हुए 58 वकीलों की भर्ती की गई है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को अवसर मिला है.

कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी ध्यान दे रही है. कई ऐसे क्षेत्रों तक नहरों का पानी पहुंचाया गया है, जो लंबे समय से सिंचाई सुविधाओं से वंचित थे. अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.

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