CID को सौंपी गई सीजे रॉय आत्महत्या केस की जांच, कर्नाटक सरकार ने किया ऐलान

आयकर विभाग की पूछताछ के दौरान कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय की कथित आत्महत्या से हड़कंप मच गया है. कर्नाटक सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और संभावित CID जांच का ऐलान किया है. विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं.

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बेंगलुरु: आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय की संदिग्ध हालात में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार इसे आत्महत्या बताया जा रहा है, लेकिन घटनाक्रम और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने मामले को गंभीर बना दिया है. अब कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट किया है कि सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी. उन्होंने संकेत दिया कि मामला अशोक नगर पुलिस स्टेशन से राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपा जा सकता है.

शिवकुमार के अनुसार, आयकर अधिकारी रॉय से पूछताछ कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कुछ मिनट का समय मांगा और अपने कमरे में चले गए. जब वे काफी देर तक बाहर नहीं आए तो अंदर जाकर देखा गया, जहां उन्होंने खुद को गोली मार ली थी. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और इसकी हर पहलू से जांच की जाएगी. दिल्ली से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है.

‘आयकर जांच के अलावा कोई समस्या नहीं’

वहीं, सीजे रॉय के भाई सीजे बाबू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आयकर जांच के अलावा रॉय को किसी और तरह की परेशानी नहीं थी. उन्होंने कहा कि न तो किसी कर्ज का दबाव था और न ही किसी तरह की धमकी. बाबू के अनुसार, उन्होंने शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे रॉय से आखिरी बार बात की थी.

उच्च स्तरीय जांच के लिए दबाव 

केरल में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान ने भी इस घटना को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सी.जे. रॉय की मौत की परिस्थितियों  को लेकर कहा है कि इससे संदेह पैदा होता है, जिसकी गहन जांच होनी चाहिए. उनका कहना है कि एक स्थापित व्यवसायी सिर्फ छापेमारी से इतना नहीं घबराता कि ऐसा कदम उठा ले. उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बताया कि कंपनी पर दिसंबर में आयकर छापा पड़ा था. नियमों के अनुसार 60 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी करनी थी, जिसके तहत रॉय को बयान के लिए बुलाया गया था. वे कुछ दिन पहले ही दुबई से लौटे थे. अधिकारियों ने उनके कार्यालय में जाकर बयान दर्ज किया था. इसके बाद पांच मिनट का समय मांगकर वो अपने कमरे में गए, लेकिन वे 20 मिनट तक वापस नहीं लौटे. जांच में पता चला कि उन्होंने आत्महत्या कर ली है.  First Updated : Saturday, 31 January 2026