प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली बार दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को बिहार पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने नए टर्मिनल का उद्घाटन किया और बिहटा में बनने वाले नए एयरपोर्ट का शिलान्यास किया. इसके बाद उन्होंने एयरपोर्ट से बीजेपी कार्यालय तक एक भव्य रोड शो किया जिसमें भारी जनसमूह ने उनका स्वागत किया.
पीएम मोदी ने पटना में पार्टी सांसदों, विधायकों और प्रमुख पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीतिक समझ सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मिसाल है. उन्होंने 1967 की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार ने सबसे पहले वंशवाद की राजनीति को नकारा और देश में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार की नींव रखी.
प्रधानमंत्री ने संगठन के नेताओं को धैर्य का महत्व समझाया. उन्होंने कहा, “राजनीति में पद की जल्दी नहीं करनी चाहिए. समय सबको मौका देता है.” इस दौरान उन्होंने पार्टी के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता की ओर इशारा करते हुए कहा, "क्यों भाई, आपको तो अनुभव है." उन्होंने अपने उदाहरण से यह भी जताया कि एक साधारण कार्यकर्ता भी अगर ईमानदारी से काम करे तो तीन बार प्रधानमंत्री बन सकता है.
ऑपरेशन सिंदूर पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस सैन्य अभियान के सभी लक्ष्य पूरे हुए. उन्होंने कहा, “इसमें बिहार के वीर सपूतों ने भी बलिदान दिया है. जनता तक यह सच्चाई जरूर पहुंचनी चाहिए.” उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने न सिर्फ आतंकियों को खत्म किया, बल्कि उनके संरक्षकों को भी सबक सिखाया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के नागरिकों में पीओके को लेकर गहरी इच्छा है. उन्होंने इसे सरकार की प्रतिबद्धता बताया लेकिन साथ ही आगाह किया कि अनावश्यक बयानबाज़ी से बचना चाहिए. "जिस विषय की जानकारी न हो, उस पर बोलने से बचें," पीएम ने सभी से संयम बरतने की अपील की.
पीएम मोदी ने एनडीए के नेताओं को चुनावों में एकजुट होकर लड़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि एनडीए का हर फोरम समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व करे. पीएम ने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है. First Updated : Friday, 30 May 2025