बिहार: बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं. 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे. इस समारोह में जनता दल (यूनाइटेड) के सुप्रीमो नीतीश कुमार रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जिससे राज्य की राजनीति में नया अध्याय जुड़ने वाला है.
हालांकि, शपथ ग्रहण से पहले एनडीए के दो प्रमुख घटक भाजपा और जेडीयू के बीच कैबिनेट विभागों के आवंटन और विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान और गहन विचार-विमर्श जारी है. दोनों दल अपने-अपने दावेदारों को इस अहम पद पर देखना चाहते हैं.
मीडिय रिपोर्ट के मुताबिक जेडीयू ने स्पीकर पद के लिए आलम नगर से आठ बार के विधायक और पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव का नाम सुझाया है. भाजपा इस पद के लिए अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रेम कुमार को देखना चाहती है. वर्तमान में भाजपा के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव विधानसभा अध्यक्ष थे. दोनों दल इस प्रतिष्ठित पद पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी रणनीति पर काम कर रहे हैं.
स्पीकर पद और कैबिनेट विभागों के बंटवारे पर सहमति बनाने के लिए जेडीयू के वरिष्ठ नेता केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में दोनों दलों के बीच आपसी सहमति बन गई है. इसके बाद दोनों नेता पटना वापस लौट चुके हैं.
भाजपा बुधवार को अपनी विधायक दल की बैठक आयोजित कर रही है. बैठक में संभावना है कि सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना जाए. वे नीतीश कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले सकते हैं. भाजपा ने इस प्रक्रिया के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है. अर्जुन राम मेघवाल और साध्वी निरंजन ज्योति को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.
नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के स्थल का निरीक्षण किया. माना जा रहा है कि वे बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और नई सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश करेंगे. First Updated : Wednesday, 19 November 2025