'वो मुझसे पैसे ऐंठती थी...' नोएडा में गर्ल फ्रेंड का सिर कलम कर शख्स ने दिया चौकाने वाला स्टेटमेंट
आरोपी ने शव के धड़ को नोएडा की एक नाली में फेंक दिया, जबकि बाकी का पार्ट और हथियार को गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के पास सूखी नाली में ठिकाने लगा दिया.

नई दिल्ली: नोएडा में एक 34 वर्षीय बस ड्राइवर ने अपनी अवैध प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े नोएडा और गाजियाबाद में फेंके. आरोपी मोनू सिंह उर्फ मोनू सोलंकी ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि मृतका प्रीति यादव उससे पैसे ऐंठती थी. 6 नवंबर को नोएडा के एक नाले में सिर और अंग विहीन शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. दोनों नोएडा के बारोला में साथ रहते थे और आरोपी शादीशुदा है, उसके दो बेटियां हैं.
आरोपी का दावा
मीडिया से बातचीत में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) यमुना प्रसाद ने बताया कि पूछताछ में मोनू सिंह ने खुलासा किया कि प्रीति यादव उससे पैसे ऐंठने लगी थी.सिंह ने यह भी दावा किया कि यादव बार-बार उसे या उसकी बेटियों को अवैध गतिविधियों में फंसाने की धमकी देती थी.
“तथ्य विश्लेषण, साक्ष्य-संग्रह तथा तकनीकी विवेचना”
क्लूलेस मर्डर केस का ब्रेकथ्रू -अभियुक्त, आलाकत्ल और अवशेष बरामद।
हत्या कर शव को विच्छेदित कर छिपाने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार कर थाना सेक्टर-39 पुलिस द्वारा आलाकत्ल, शव से विच्छेदित अवशेष, घटना में प्रयुक्त बस व बस की मैट… https://t.co/xn50sBB9eL pic.twitter.com/jgICj1WH3r— POLICE COMMISSIONERATE GAUTAM BUDDH NAGAR (@noidapolice) November 14, 2025
हत्या की वारदात
डीसीपी प्रसाद ने बताया कि सिंह ने 5 नवंबर को यादव की हत्या की. आरोपी ने कबूल किया कि उसने यादव के घर से बिना बताए तेजधार हथियार लिया और उसे बस में बुलाया. बस के अंदर दोनों ने खाना खाया, इसके बाद झगड़ा हो गया. सिंह ने दावा किया कि उसने हथियार से हमला कर उसका सिर कलम कर दिया और पहचान छिपाने के लिए हाथ काट दिए, प्रसाद ने कहा. आरोपी ने धड़ को नोएडा के नाले में फेंका और अन्य अवशेष व हथियार को गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के सूखे नाले में फेंक दिया. बस और जब्त सामान की फॉरेंसिक जांच में मानव रक्त की पुष्टि हुई.
आरोपी कैसे पकड़ा गया?
डीसीपी प्रसाद ने शनिवार को बताया कि यादव का शव सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के नाले में मिला था, जिसमें पैर की अंगूठियां ही पहचान का एकमात्र सुराग थीं. पीड़िता की पहचान और संदिग्ध को पकड़ने के लिए नौ पुलिस टीमें गठित की गईं.5,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए और करीब 1,100 वाहनों की जांच की गई. इनमें से 44 वाहनों को शॉर्टलिस्ट कर उनके मालिकों व ड्राइवरों से पूछताछ की गई, प्रसाद ने कहा. जांच के दौरान पुलिस को 5 नवंबर को अपराध स्थल के पास बत्ती बंद कर संदिग्ध रूप से घूमती सफेद-नीली बस मिली. बस नंबर प्लेट यूपी16 केटी 0037 मोनू सिंह की निकली. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.


