अंधविश्वास की आग में जिंदा जलाया... एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या, डायन के शक में दिल दहला देने वाली वारदात

बिहार के पूर्णिया में अंधविश्वास के चलते एक ही परिवार के पांच लोगों को डायन बताकर जिंदा जला दिया गया, जिनमें तीन महिलाएं शामिल थीं. घटना के बाद गांव के अधिकतर लोग फरार हैं और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है.

Simran Sachdeva

बिहार के पूर्णिया जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास के चलते एक ही परिवार के 5 लोगों को जिंदा जला दिया गया. मरने वालों में 3 महिलाएं भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि गांव के कुछ लोगों को परिवार की एक महिला पर 'डायन' होने का शक था, जिसके चलते पूरी घटना को अंजाम दिया गया.

ये भी सामने आया है कि पीड़ित परिवार सालों से झाड़फूंक का कार्य करता था और हाल ही में गांव में हुई कुछ बच्चों की मौत को लेकर महिला पर आरोप लगाए जा रहे थे. घटना के बाद गांव के ज्यादातर लोग फरार हैं और पुलिस जांच में जुटी है.

गांव में बच्चों की मौत बनी अंधविश्वास का आधार

पूर्णिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीपतरा टेटगामा गांव में रहने वाले महादलित समुदाय के बाबूलाल उरांव की पत्नी सीता देवी को गांव के लोग लंबे समय से डायन बताकर प्रताड़ित करते आ रहे थे. बीते कुछ महीनों में गांव में चार से पांच बच्चों की मौत के बाद ये अंधविश्वास और गहराया.

आधी रात को घर पर पहुंचे 40-50 लोग

रविवार की रात करीब 10 बजे गांव के 40-50 लोग एकत्र होकर बाबूलाल उरांव के घर पहुंचे. पहले तो परिवार के सभी सदस्यों के साथ मारपीट की गई, फिर उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. मारे गए लोगों में 70 साल के मसोमात कातो, 50 साल के बाबूलाल उरांव, उनकी 40 साल की पत्नी सीता देवी, 30 साल के मनजीत कुमार और उनकी पत्नी 25 साल की रानी देवी शामिल हैं.

अधजले शवों को बोरे में बंद कर फेंका गया

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सभी अधजले शवों को बोरे में भरकर गांव के पास स्थित घिसरिया बहियार के जलकुंभी से भरे एक गड्ढे में फेंक दिया. इस दरिंदगी का एकमात्र चश्मदीद 16 साल का लड़का सोनू कुमार किसी तरह जान बचाकर अपने ननिहाल भाग गया.

पुलिस को दी गई जानकारी

सोनू कुमार ने सुबह करीब 5 बजे पुलिस को फोन कर पूरे हत्याकांड की जानकारी दी. उसने पुलिस को बताया कि इस जघन्य कांड में पूरा गांव शामिल है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नकुल उरांव को हिरासत में लिया, जिसकी निशानदेही पर ट्रैक्टर मालिक सन्नाउल्लाह को भी गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने बरामद किए पांचों शव

पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत, एसडीपीओ पंकज कुमार शर्मा और अन्य अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को जांच में लगाया गया. पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी शवों को गड्ढे से बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

एसडीपीओ सदर वन पंकज कुमार शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मामले की जानकारी सुबह 5 बजे मिली. मृतक परिवार झाड़फूंक का कार्य करता था. गांववालों को शक था कि सीता देवी डायन हैं. इसी अंधविश्वास के कारण गांव के लोगों ने पूरे परिवार को जिंदा जला दिया. पांचों शव बरामद कर लिए गए हैं और जांच जारी है.

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