दिल्ली में धमकी भरे Email से हड़कंप, तीन कोर्ट और दो CRPF स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी

दिल्ली में हालिया धमाकों की जांच के बीच दो CRPF स्कूलों और तीनों प्रमुख कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला, जिसे जैश-ए-मोहम्मद के नाम पर भेजा गया बताया जा रहा है. पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान चलाया, हालांकि कोई विस्फोटक नहीं मिला.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : दिल्ली में पिछले दिनों हुए ब्लास्ट के बाद जब जांच एजेंसियाँ लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं, उसी बीच राजधानी में एक मामला सामने आया है. आज दिल्ली के दो CRPF स्कूलों और पटियाला हाउस, साकेत और द्वारका कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली. धमकी मिलते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और सभी स्थानों पर बम स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड को भेजकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह ईमेल आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के नाम से भेजा गया था. 

विस्फोट केस में ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई
आपको बता दें कि लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए भयानक कार विस्फोट, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी, की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इसी सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार सुबह फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ट्रस्ट के कई परिसरों पर एक साथ छापेमारी की. सुबह करीब 5:15 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में एनसीआर में फैले कम से कम 25 ठिकानों की तलाशी ली गई. ईडी की टीमों ने दिल्ली के ओखला स्थित एक दफ्तर पर भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में छापा डाला.

यूनिवर्सिटी और जुड़े डॉक्टरों की भूमिका पर जांच 

लाल किला विस्फोट की जांच में कई चौंकाने वाली कड़ियां सामने आ रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ चिकित्सकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जिनका कश्मीर से संबंध होने की बात सामने आई है. ईडी के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय गड़बड़ियों, फर्जी कंपनियों के संचालन, आवास संस्थानों के दुरुपयोग और धन शोधन की आशंका को देखते हुए की गई है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अल फलाह ट्रस्ट और संबद्ध प्रतिष्ठान ने इन गतिविधियों में किसी तरह की भूमिका निभाई है या नहीं.

FIR के आधार पर कार्रवाई
ईडी इस मामले में दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की दर्ज की गई एफआईआर को आधार बनाकर कार्रवाई कर रही है. अब तक एनआईए ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से “आत्मघाती हमलावर” डॉ. उमर नबी के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं. जांच में ऐसे नौ से अधिक फर्जी कंपनियों का पता चला है, जो एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं. शुरुआती जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं जो धन शोधन और अवैध वित्तीय गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं.

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