1 करोड़ का ईनामी, कई बड़े हमलों में शामिल...मारा गया मोस्ट वांटेड नक्सली माडवी हिडमा
आंध्र प्रदेश के मारेदुमिल्ली जंगल में हुई मुठभेड़ में कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिडमा समेत छह माओवादी मारे गए. दंतेवाड़ा, झीरम घाटी और सुकमा जैसे बड़े हमलों का मास्टरमाइंड हिडमा की मौत को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं.

आंध्र प्रदेशः सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की. देश के सबसे कुख्यात माओवादी कमांडरों में शामिल माडवी हिडमा की आंध्र प्रदेश में एक मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई. हिडमा पर लंबे समय से देश के कई बड़े और भयावह हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप था.
सुरक्षा बलों के मुताबिक, यह वही शख्स था जिसने दंतेवाड़ा, झीरम घाटी और सुकमा जैसे कई बड़े हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम दिया. उसकी मौत को नक्सल विरोधी अभियान में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है.
मारेदुमिल्ली के जंगलों में चला घंटेभर का ऑपरेशन
आंध्र प्रदेश पुलिस की स्पेशल टीम ने अल्लूरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेदुमिल्ली इलाके में सोमवार तड़के अभियान चलाया. सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ लगभग एक घंटे तक चली. इसी दौरान हिडमा और पांच अन्य माओवादी ढेर कर दिए गए. पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, ताकि समूह के बाकी सदस्य कहीं बचकर न निकल पाएं.
छत्तीसगढ़ का निवासी था हिडमा
1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती गांव में जन्मे माडवी हिडमा का माओवादी संगठन में तेजी से उभार हुआ. बेहद कम उम्र में वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की बटालियन नंबर 1 का प्रमुख बना, जो माओवादियों की सबसे घातक लड़ाकू इकाइयों में से एक है. हिडमा CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य भी था और बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी प्रतिनिधि माना जाता था.
एक करोड़ रुपए का इनामी
सुरक्षा बलों के मुताबिक, हिडमा की तलाश कई वर्षों से जारी थी और उस पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था. सूत्रों ने बताया कि इस मुठभेड़ में हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजक्का भी मारी गई. दोनों ही लंबे समय से जंगलों में सक्रिय थे और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए थे.
हिडमा कई बड़े हमलों के पीछे मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है, जिनमें शामिल हैं-
2010 दंतेवाड़ा हमला
जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे.
2013 झीरम घाटी नरसंहार
इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित 27 लोगों की मौत हुई थी.
2021 सुकमा–बीजापुर हमला
इस मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए थे.
इसके अलावा, वह वर्षों से बस्तर क्षेत्र में माओवादियों के सबसे बड़े सैन्य अभियानों का नेतृत्व करता रहा. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसकी मौत से माओवादी ढांचे को गहरा झटका लगेगा.
डीजीपी ने क्या कहा?
आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मारेदुमिल्ली के जंगलों में सोमवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच पुलिस और माओवादियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई. उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में एक शीर्ष माओवादी नेता समेत कुल छह माओवादी मारे गए हैं. फिलहाल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. सुरक्षा बलों का कहना है कि यह ऑपरेशन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.


