बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है. महागठबंधन ने हाल ही में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा और वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है. इस ऐलान के बाद विपक्षी दलों ने सवाल उठाए कि मुस्लिम समाज और कांग्रेस को प्रतिनिधित्व कैसे मिलेगा. अब इस पर बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारु ने स्थिति साफ की है.
एक इंटरव्यू में अल्लावारु ने कहा कि अगर महागठबंधन की सरकार बनती है, तो एक से अधिक डिप्टी सीएम होंगे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस का भी एक उपमुख्यमंत्री होगा और एक डिप्टी सीएम मुस्लिम समुदाय से चुना जाएगा. अल्लावारु ने कहा कि महागठबंधन का मूल सिद्धांत है कि हर प्रमुख वर्ग और समुदाय को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देना.
उन्होंने आगे कहा कि सरकार में दो, तीन या चार उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं. इनमें एक कांग्रेस से और एक मुस्लिम समाज से होगा. इसका अंतिम फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद किया जाएगा. कांग्रेस प्रभारी के अनुसार, यह गठबंधन केवल सीटों का मेल नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन का प्रतीक है.
तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री पद के औपचारिक ऐलान में हुई देरी पर अल्लावारु ने कहा कि यह कदम सुनियोजित रणनीति के तहत उठाया गया था. उन्होंने बताया कि अप्रैल में हुई महागठबंधन की पहली बैठक में यह तय हुआ था कि सीएम फेस की घोषणा सीट शेयरिंग और साझा घोषणा पत्र तय होने के बाद ही की जाएगी. अल्लावारु ने यह भी खुलासा किया कि तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा तीन सप्ताह पहले ही हो चुकी थी और इसकी औपचारिक घोषणा दिवाली से पहले करने की योजना बनाई गई थी.
सीट बंटवारे के मुद्दे पर राजद और कांग्रेस के बीच मतभेद की खबरों को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन की राजनीति में विचारों का मतभेद सामान्य बात है. मीडिया कभी-कभी इसे विवाद का रूप दे देती है, लेकिन महागठबंधन पूरी एकजुटता के साथ चुनाव में उतर रहा है.
कृष्णा अल्लावारु ने कहा कि बिहार का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समावेशिता और नए विकास मॉडल की दिशा में कदम है. उन्होंने विश्वास जताया कि जनता महागठबंधन को एक मजबूत जनादेश देगी. First Updated : Saturday, 25 October 2025