24 घंटे से ट्रैफिक ठप, 20 KM तक लंबा जाम...मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर लगा महाजाम, हजारों यात्री फंसे
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर पलटने के 24 घंटे के बाद भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है. एक्सप्रेसवे पर करीब 20 से 22 किमी तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं. ड्रोन के जरिए सामने आए फोटो में यह साफ दिख रहा है कि हजारों वाहन चालक और यात्री फंसे हुए है. इस भीषण जाम के कारण कई लोगों की फ्लाइट तक छूट गई.

मुंबई : पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक टैंकर के पलटने से भयानक ट्रैफिक जाम लग गया, जिसने पूरे इलाके को प्रभावित किया. यह हादसा 3 फरवरी की शाम लगभग 5 बजे हुआ, जब टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया. इसमें प्रोपेलिन नामक बेहद ज्वलनशील रसायन भरा था, जो किसी भी छोटी चिंगारी से बड़ी तबाही मचा सकता था. स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एक्सप्रेसवे टीम की करीब 40 सदस्यों वाली टीम फौरन मौके पर पहुंची और रिसाव रोकने की कोशिश की.
बस सेवाओं पर भारी असर
प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए वैकल्पिक इंतजाम किए और स्थिति पर नजर रखी. जैसे ही यातायात सामान्य होगा, बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी.
बीपीसीएल और NDRF को मौके पर...
रिसाव को काबू करने के लिए राज्य सरकार ने तुरंत बीपीसीएल और एनडीआरएफ को मौके पर भेजा. बुधवार सुबह 4:30 बजे से इन टीमों ने काम संभाला. अब तक टैंकर के दो वॉल्व बंद कर लिए गए हैं, लेकिन एक जगह से अभी भी रिसाव हो रहा है. खाली टैंकर मंगवाकर रसायन को सुरक्षित स्थानांतरित किया जा रहा है एक भरने के बाद दूसरे में ट्रांसफर हो रहा है. यह प्रोपेलिन से जुड़ी पहली ऐसी घटना बताई जा रही है.
मुख्यमंत्री का सक्रिय हस्तक्षेप
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति पर त्वरित कार्रवाई की. उन्होंने एमएसआरडीसी को निर्देश दिए कि आम लोगों की परेशानी, भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम और आपात तैयारी पर विस्तृत जांच करें तथा सिफारिशों वाली रिपोर्ट सौंपें.
पुणे रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी
एक्सप्रेसवे बंद होने से मुंबई जाने वाले यात्री रेल का रुख कर रहे हैं, जिससे पुणे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लगीं, प्लेटफॉर्म और वेटिंग रूम पैक हो गए. रेलवे ने अतिरिक्त व्यवस्था की, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ से यात्रियों को टिकट और सीट की कमी से जूझना पड़ा. कई ने असंतोष जताया, मगर प्रशासन स्थिति संभालने में जुटा है.


