कन्नौज जेल से कंबलों की रस्सी बनाकर फरार हुए दो कैदी, प्रशासन में मचा हड़कंप

यूपी के कन्नौज की अनौगी जिला जेल से सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए दो कैदी कंबलों की रस्सी बनाकर फरार हो गए. 22 फीट ऊंची दीवार फांदने की इस घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

कन्नौज: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले की अनौगी स्थित जिला जेल से रविवार रात सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दो कैदी फरार हो गए. सर्द रात का फायदा उठाकर दोनों बंदियों ने कंबलों को काटकर रस्सी बनाई और करीब 22 फीट ऊंची जेल की दीवार फांदकर बाहर निकल गए. घटना का खुलासा सोमवार सुबह कैदियों की गिनती के दौरान हुआ, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया.

कैदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई. प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर जेलर, डिप्टी जेलर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि फरार कैदियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं.

कंबलों के सहारे पार की 22 फीट ऊंची दीवार

जिला कारागार से दो कैदियों के भागने की खबर मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री समाधान दिवस कार्यक्रम छोड़कर सीधे जिला जेल अनौगी पहुंचे. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि ‘पाक्सो एक्ट’ में बंद ठठिया थाना क्षेत्र के मलगंवा गांव निवासी डिंपी उर्फ शिवा और हथियार कानून में बंद हजरापुर गांव निवासी अंकित रविवार रात कंबलों के सहारे दीवार लांघकर फरार हो गए.

सुबह की गिनती में खुला राज

पुलिस के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10 बजे जब कैदियों की गिनती की गई तो दो बंदी कम पाए गए. इसके बाद पूरे जेल परिसर की तलाशी ली गई. जांच के दौरान महिला बैरक के पीछे की दीवार पर कंबलों से बनी रस्सी मिली, जिससे यह साफ हो गया कि दोनों कैदी इसी रास्ते से फरार हुए हैं.

सोशल मीडिया पर दावे, जांच जारी

सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि फरारी के वक्त जेल में न्यू ईयर पार्टी चल रही थी और इसी दौरान दोनों कैदियों ने मौका पाकर भागने की योजना को अंजाम दिया. हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

एक ही बैरक में थे दोनों आरोपी

जानकारी के मुताबिक, तालग्राम थाना क्षेत्र से चोरी के मामले में गिरफ्तार अंकित को जून महीने में जेल भेजा गया था, जबकि पॉक्सो का आरोपी डिंपी ठठिया थाना क्षेत्र का निवासी है. दोनों को एक ही बैरक में रखा गया था. ठंड के मौसम में मिले कंबलों को काटकर उन्होंने पहले रस्सी बनाई और फिर उसी के सहारे जेल की दीवार पार कर ली.

डीएम-एसपी ने संभाला मोर्चा

मामले की जानकारी मिलते ही डीएम और एसपी ने जेल पहुंचकर जांच शुरू कर दी. फरार कैदियों की तलाश के लिए दो डिप्टी जेलर समेत कई टीमें लगाई गई हैं. डीएम का कहना है कि यह बंदी रक्षकों की बड़ी चूक है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

लापरवाही पर गिरी गाज

प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने प्रथम दृष्टया जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर ‘जेलर’ विनय प्रताप सिंह और ‘डिप्टी जेलर’ बद्री प्रसाद को निलंबित करने के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही जेल वार्डन शिवेंद्र सिंह यादव, अतुल मिश्रा और नवीन कुमार को भी निलंबित किया गया है.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि कारागार सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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