उत्तरकाशी में मौसम का कहर जारी, बचाव कार्यों के बीच फिर बारिश का अनुमान

उत्तरकाशी में भारी बारिश का अलर्ट जारी है. हाल की बाढ़ में अब तक 4 की मौत और 16 लोग लापता हैं, जबकि 566 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. बचाव कार्यों में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 800 से अधिक जवान तैनात हैं.

calender

Uttarakhand weather update: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मौसम विभाग ने अगले दो घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ दिन पहले यहां आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक बार फिर बारिश शुरू हो गई है, जबकि गंगानी इलाके में लगातार हो रही वर्षा के बीच पुल निर्माण कार्य भी फिर से शुरू कर दिया गया है.

शुक्रवार दोपहर तक 128 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर तक 128 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. मंगलवार से लेकर अब तक कुल 566 लोगों को बचाया जा चुका है, जब कीचड़ और मलबे के तेज बहाव ने कई घरों, होटलों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया था. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस आपदा में अब तक चार लोगों की मौत हुई है. बुधवार को दो मृतकों के शव बरामद किए गए थे.

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने जानकारी दी है कि नौ सैन्यकर्मी और सात नागरिक अब भी लापता हैं. हालांकि, स्थानीय निवासियों और मुखबा जैसे आसपास के गांवों के लोगों का मानना है कि लापता लोगों की वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है. इसका कारण यह है कि आपदा के समय क्षेत्र में निर्माणाधीन होटलों में स्थानीय मजदूरों के साथ-साथ बिहार और नेपाल से आए कामगार भी मौजूद थे. इसके अलावा, धराली में स्थित लगभग दो दर्जन बड़े होटलों में भी मेहमान ठहरे हुए थे.

गंगोत्री धाम के मार्ग पर एक प्रमुख पड़ाव है धराली

धराली, गंगोत्री धाम के मार्ग पर एक प्रमुख पड़ाव है, जहां से गंगा नदी का उद्गम स्थल आगे स्थित है. यहां पर होटलों, होमस्टे, रेस्तरां और गेस्ट हाउस की बड़ी संख्या है, जिससे यह क्षेत्र सालभर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से भरा रहता है. बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय पुलिस के 800 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है. ये सभी दल मलबा हटाने, लापता लोगों की तलाश करने और फंसे हुए निवासियों व पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि मौसम की मौजूदा परिस्थितियों और भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि आगे किसी भी संभावित नुकसान को कम किया जा सके. First Updated : Friday, 08 August 2025