यूपी के युवाओं को ब‍िजनेस शुरू करने के ल‍िए म‍िलेगा 5 लाख का लोन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी के लिए आवेदन शुरू

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण और 10% अनुदान मिलेगा. इस पहल का लक्ष्य 1800 युवाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

उत्तर प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है, जिसके तहत उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत अब इच्छुक युवक-युवतियों को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही सरकार परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अनुदान भी देगी, जिससे युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत शुरुआत मिल सके.

क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य? 

इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय खुद का रोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है. जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग द्वारा संचालित इस पहल के माध्यम से छोटे उद्योगों और सेवा क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक युवा आत्मनिर्भर बनें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें.

वर्तमान में जिले को इस योजना के तहत 1800 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया है. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की सुविधा आधिकारिक पोर्टल msme.up.gov.in पर उपलब्ध है, जहां से उम्मीदवार योजना से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपना पंजीकरण करा सकते हैं.

योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय को स्थापित करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा. इससे युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी.

आवेदन के लिए पात्रता 

पात्रता की बात करें तो आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है. उसकी आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा आठ पास रखी गई है, जबकि इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा, आवेदक के पास किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र होना जरूरी है. इसमें विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, टूल किट योजना, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित प्रशिक्षण योजनाएं या उत्तर प्रदेश कौशल उन्नयन कार्यक्रम शामिल हैं.

कुल मिलाकर, यह योजना बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ राज्य में स्वरोजगार को नई दिशा देने का काम करेगी.

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