ईमेल भेजना हुआ और सुरक्षित... Gmail में आया एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, नए फीचर से डेटा रहेगा सेफ

गूगल ने Gmail में एक ऐसा नया फीचर जोड़ा है, जो ईमेल सुरक्षा को अगले स्तर पर ले जाता है. अब मोबाइल यूजर्स के लिए भी सुरक्षित कम्युनिकेशन आसान हो गया है. अब यूजर्स सीधे अपने फोन से ही सुरक्षित ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे.

Shraddha Mishra

गूगल ने एक बड़ा अपडेट जारी करते हुए Gmail में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) सुविधा को मोबाइल डिवाइस तक बढ़ाने की घोषणा की है. इसका मतलब है कि अब यूजर्स सीधे अपने फोन से ही सुरक्षित ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे, बिना किसी अतिरिक्त टूल या सॉफ्टवेयर के.

इस अपडेट के जरिए Gmail की क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन (CSE) सुविधा को और बेहतर बनाया गया है. खासतौर पर यह उन कंपनियों और संस्थाओं के लिए फायदेमंद है, जो संवेदनशील जानकारी के साथ काम करती हैं और अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण रखना चाहती हैं.  

कैसे काम करेगा यह फीचर?

नए फीचर के साथ, जब यूजर ईमेल लिखेगा, तो उसे एक लॉक आइकन दिखाई देगा. इस आइकन पर क्लिक करके वह अतिरिक्त एन्क्रिप्शन को सक्रिय कर सकता है. ईमेल भेजने से पहले ही यह संदेश यूजर के डिवाइस पर एन्क्रिप्ट हो जाता है. इसका मतलब है कि बीच में कोई भी इसे पढ़ नहीं सकता. 

अगर रिसीवर भी Gmail का उपयोग करता है, तो उसे यह ईमेल सामान्य थ्रेड की तरह दिखाई देगा. वहीं, जो लोग Gmail का उपयोग नहीं करते, वे इसे सुरक्षित लिंक के जरिए वेब ब्राउज़र में देख सकते हैं और जवाब भी दे सकते हैं.

क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक है, जिसमें डेटा केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के बीच सुरक्षित रहता है. बीच में कोई तीसरा व्यक्ति इसे एक्सेस नहीं कर सकता. इसे आसान भाषा में समझें तो जैसे आप किसी कीमती सामान को एक बॉक्स में बंद करके भेजते हैं, जिसकी चाबी सिर्फ रिसीवर के पास होती है. इसी तरह E2EE डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रखता है.

किन यूजर्स को मिलेगा फायदा?

यह सुविधा खास तौर पर Google Workspace के एंटरप्राइज यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई जा रही है. जिन संगठनों के पास क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन की सुविधा पहले से है, वे इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए एडमिन को पहले अपने सिस्टम में एंड्रॉयड और iOS सपोर्ट को चालू करना होगा, तभी यूजर्स इस फीचर का उपयोग कर पाएंगे.

यूजर्स और कंपनियों के लिए क्या बदलेगा?

मोबाइल पर यह सुविधा आने से अब यूजर्स कहीं से भी अपने संवेदनशील ईमेल को सुरक्षित तरीके से मैनेज कर सकेंगे. पहले इसके लिए डेस्कटॉप या थर्ड-पार्टी टूल की जरूरत पड़ती थी, जो अब खत्म हो जाएगी. कंपनियों के लिए यह अपडेट और भी अहम है, क्योंकि इससे उनका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.  Google ने इस फीचर को इस तरह डिजाइन किया है कि यूजर को ज्यादा तकनीकी जानकारी की जरूरत न पड़े. बिना किसी जटिल सेटअप के, यूजर्स आसानी से सुरक्षित ईमेल भेज सकते हैं.

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