नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने साइबर ठगी को रोकने और डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब WhatsApp, Telegram, Signal और अन्य मैसेजिंग ऐप्स केवल फोन में लगे एक्टिव भारतीय सिम कार्ड के साथ ही काम करेंगे. वाई-फाई या बिना सिम के इन ऐप्स का उपयोग अब संभव नहीं होगा. सरकार ने सभी ऐप कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे 120 दिनों के भीतर दूरसंचार विभाग (DoT) को नई नियमावली के पालन की रिपोर्ट जमा करें.
इस कदम का उद्देश्य स्पष्ट है फर्जी विदेशी नंबरों से धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड को रोकना. यदि कंपनियां समय पर रिपोर्ट नहीं जमा करती हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी मैसेजिंग ऐप तभी चलेगा जब फोन में वही सिम कार्ड मौजूद और एक्टीन हो, जिसका नंबर ऐप से जुड़ा है. व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट और जोश जैसी सेवाएं अब केवल एक्टिव सिम के साथ ही काम करेंगी.
डिपार्टमेंट ने चेतावनी दी कि नियमों का पालन न करने पर टेलीकॉम्युनिकेशन एक्ट 2023, साइबर सिक्योरिटी नियम और अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
सरकार ने कहा कि अब तक कई ऐप्स बिना फोन में सिम लगे भी काम कर जाती थीं. इसका फायदा विदेशी ठग उठा रहे थे और लोग साइबर फ्रॉड में लिप्त थे. अब यह loophole पूरी तरह बंद कर दिया गया है. DoT के अनुसार, यह कदम दूरसंचार सिस्टम की सुरक्षा और नंबर के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए जरूरी था.
एक्टिव सिम से ऐप कनेक्टिविटी जो WhatsApp, Telegram जैसी हर ऐप अब केवल उसी नंबर वाली एक्टिव सिम से जुड़ेगी. अगर सिम नहीं लगी या बंद है, तो ऐप बंद रहेगी.
वेब लॉगइन में बदलाव: कंप्यूटर या लैपटॉप पर WhatsApp Web या Telegram Web अब हर 6 घंटे में ऑटो-लॉगआउट होगा. QR कोड स्कैन करके ही दोबारा लॉगइन करना होगा. इससे चोरी हुए वेब सेशन से नुकसान कम होगा. सरकार ने कहा कि ये नियम अभी लागू हो चुके हैं और दूरसंचार विभाग द्वारा बदलाव तक चलते रहेंगे. First Updated : Sunday, 30 November 2025