नई दिल्ली: एक बेटे ने अपनी मां के वर्षों के संघर्ष और त्याग का ऐसा सम्मान किया कि यह कहानी लाखों लोगों के दिल को छू गई. हरियाणा के पंचकूला से निकलकर गूगल तक का सफर तय करने वाले अभिजय अरोड़ा ने अपनी मां को ऐसा सरप्राइज दिया, जिसे वह शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगी. न्यूयॉर्क के मशहूर टाइम्स स्क्वायर पर अपनी मां की तस्वीर दिखाकर उन्होंने दुनिया के सामने उनके योगदान को सलाम किया. जब मां ने वीडियो कॉल पर यह दृश्य देखा तो उनकी आंखें खुशी और गर्व से भर आईं. इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अभिजय अरोड़ा ने अपनी सफलता का श्रेय हमेशा अपनी मां को दिया है. गूगल में नौकरी मिलने के बाद उन्होंने सोचा कि अपनी मां को धन्यवाद कहने का सबसे अच्छा तरीका क्या हो सकता है. इसी सोच के साथ उन्होंने न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर एक डिजिटल बिलबोर्ड बुक कराया. वीडियो कॉल के दौरान जब उनकी मां ने खुद की तस्वीर दुनिया के सबसे चर्चित स्थानों में से एक पर देखी तो वह भावुक हो गईं. यह पल सिर्फ एक मां-बेटे के रिश्ते की कहानी नहीं था, बल्कि उन सभी माता-पिताओं को समर्पित था जो अपने बच्चों के सपनों के लिए खुद की इच्छाओं का त्याग कर देते हैं.
अभिजय का बचपन आसान नहीं था. उनकी मां ने अकेले ही उन्हें पाला और पढ़ाया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी. वह खुद पुराने और इस्तेमाल की गई किताबों से पढ़ाई करती थीं, लेकिन बेटे को हमेशा बेहतर शिक्षा दिलाने की कोशिश करती रहीं. अभिजय बताते हैं कि उनकी मां ने अपने जीवन के कई सपनों को पीछे छोड़ दिया ताकि उनका भविष्य बेहतर बन सके. यही कारण है कि वह अपनी सफलता को अपनी मां की मेहनत का परिणाम मानते हैं.
साल 2012 में अभिजय आईआईटी की परीक्षा में सफल नहीं हो सके. यह उनके और उनकी मां दोनों के लिए मुश्किल समय था. उस दिन उनकी मां काफी भावुक हो गई थीं. मां को दुखी देखकर अभिजय ने खुद से एक वादा किया कि वह एक दिन ऐसा मुकाम हासिल करेंगे जिस पर उनकी मां को गर्व महसूस होगा. इसी संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी और उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी मेहनत और बढ़ा दी.
ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद भी अभिजय को तुरंत सफलता नहीं मिली. नौकरी पाने में कई चुनौतियां सामने आईं. हालांकि उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और लगातार नए अवसरों की तलाश करते रहे. एक हैकाथॉन जीतने के बाद उन्होंने अपने लिए बड़े लक्ष्य तय किए. उन्होंने जीमैट परीक्षा की तैयारी की और कई बार प्रयास किया. कई बिजनेस स्कूलों से उन्हें निराशा भी मिली, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में प्रवेश मिला. इसके बाद वर्ष 2025 में उन्हें गूगल में काम करने का अवसर भी प्राप्त हो गया.
अपने इस खास सरप्राइज का वीडियो साझा करते हुए अभिजय ने लिखा कि उनकी मां ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं. उन्होंने कहा कि साधारण परिवार से होने के बावजूद उनकी मां ने हमेशा उन्हें बेहतर जीवन देने की कोशिश की. उनकी पोस्ट पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने इसे मां के त्याग और बेटे की सफलता का सबसे सुंदर उदाहरण बताया. एक यूजर ने लिखा कि असली उपलब्धि वही होती है जब माता-पिता की आंखों में गर्व दिखाई दे. वहीं कई लोगों ने इस कहानी को प्रेरणा देने वाली और भावनात्मक बताया. First Updated : Monday, 08 June 2026