पाकिस्तान में है 25 एकड़ पुश्तैनी जमीन, भारत में कुल्फी बेचने को मजबूर... शरणार्थी बन जिंदगी गुजार रहा ये पाक नेता

कभी पाकिस्तान की बेनजीर भुट्टो सरकार में रुतबा रखने वाला हिंदू नेता आज भारत में शरणार्थी बनकर जीवन बिता रहा है. डबाया राम नाम के इस पूर्व पाकिस्तानी सांसद के दादा की 25 एकड़ पुश्तैनी जमीन अब भी पाकिस्तान के बखर जिले की दरियापुर तहसील के पंचगिरेह क्षेत्र में दर्ज है. लेकिन मजबूरी में भारत आकर पिछले 25 वर्षों से उनका परिवार यहां रह रहा है.

calender

डबाया राम की एक दिलचस्प और दिल को छूने वाली कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. उनकी दादी की पाकिस्तान में 25 एकड़ जमीन है, जो अब भी उनके दादा के नाम पर दर्ज है. यह जमीन पाकिस्तान के बखर जिले की दरियापुर तहसील के पंचगिरेह क्षेत्र में स्थित है.

डबाया राम का कहना है कि उनके परिवार ने पिछले 25 सालों से भारत में ही अपना जीवन बसाया है, जिसके कारण सभी परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्र भारत में बन चुके हैं. साथ ही, यह उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही परिवार को भारतीय नागरिकता भी मिल सकती है.  

डबाया राम की 25 एकड़ जमीन पाकिस्तान में  

डबाया राम के दादा के नाम पर पाकिस्तान में 25 एकड़ ज़मीन अब भी सुरक्षित है. यह ज़मीन पाकिस्तान के बखर जिले में स्थित दरियापुर तहसील के पंचगिरेह क्षेत्र में स्थित है. इस ज़मीन का मालिकाना हक अब भी डबाया राम के दादा के नाम पर दर्ज है.  

परिवार के दस्तावेज भारत में बने  

डबाया राम और उनके परिवार ने पाकिस्तान से भारत में आकर 25 साल बिताए हैं. इस दौरान, उनके परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज़ भारत में बन चुके हैं. इसके साथ ही, वे जल्द ही भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे हैं.  

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कहानी  

डबाया राम की यह कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. कई लोग भारत सरकार से अपील कर रहे हैं कि वे डबाया राम और उनके परिवार को नागरिकता दिलाने में मदद करें. वहीं, कुछ लोग उनकी मेहनत, देशभक्ति और संघर्ष की सराहना भी कर रहे हैं.  

भारत सरकार की मदद का इंतजार  

अब डबाया राम और उनका परिवार यह देख रहे हैं कि भारत सरकार उनके इस मामले में कितनी और कब मदद करती है. एक तरफ उनकी देशभक्ति और संघर्ष को सराहा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोग यह भी जानना चाहते हैं कि सरकार इस स्थिति में नागरिकता दिलाने में कैसे और कब मदद करेगी.  

यह कहानी न केवल पाकिस्तान और भारत के बीच के रिश्तों की एक झलक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि डबाया राम और उनके परिवार ने भारत में अपनी नई पहचान बनाने के लिए कितनी मेहनत की है. अब उनकी उम्मीद है कि सरकार उनकी मुश्किलें हल कर उन्हें नागरिकता प्रदान करेगी. First Updated : Wednesday, 30 April 2025