ब्रिटेन की फेमस लेखिका शारोन मिलिमैन ने एक चौंकाने वाला दावा किया है जो लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है. उन्होंने अपने जीवन में 4 बार मौत का सामना किया है और उनका मानना है कि उनकी यह जीवित बची रहना एक 'चमत्कारी' वाकया है. उनकी अद्भुत अनुभवों ने ना सिर्फ उन्हें बल्कि दूसरों को भी जीवन और मृत्यु के बीच के नाजुक संतुलन पर सोचने पर मजबूर किया है.
शारोन का पहला जीवन-मृत्यु का सामना तब हुआ जब वह महज 13 साल की थी. स्विमिंग करते समय वह डूबने लगी और उनकी हालत गंभीर हो गई. इस घटना को याद करते हुए शारोन कहती हैं कि मुझे ना तो कोई दर्द महसूस हुआ, ना ही डर. मैं शांत और स्थिर महसूस कर रही थी. मेरी आत्मा मेरे शरीर से अलग थी और मैं सबकुछ देख और सुन सकती थी. बावजूद इसके कि लाइफगार्ड्स ने बचाने की पूरी कोशिश की, इस घटना ने शारोन पर गहरा असर डाला और उन्होंने फिर कभी तैराकी नहीं की.
साल 2005 में शारोन को एक और मौत का सामना करना पड़ा जब उनके घर के बाहर खड़े होने पर उन पर बिजली गिर गई. शारोन बताती हैं, "मुझे एक भयंकर दर्द का एहसास हुआ और फिर मेरा दिल रुक गया. मेरी आत्मा फिर से मेरे शरीर से बाहर निकल गई. सौभाग्य से, उनकी बेटी ने जल्दी से उन्हें पुनः जीवित किया, लेकिन इस घटना के बाद शारोन को दिल की ब्लॉकेज और मिर्गी के दौरे का सामना करना पड़ा.
साल 2016 में शारोन की सेहत ने एक और बड़ा मोड़ लिया जब उन्हें आंतरिक अवरोध के कारण आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता पड़ी. इस दौरान, शारोन का दावा है कि उन्होंने स्वर्ग का अनुभव किया. "मैंने अपने दो छोटे भाइयों से मुलाकात की, जो पहले ही गुजर चुके थे. इस अनुभव ने मुझे जीवन के प्रति एक नई दृष्टिकोण दी," शारोन कहती हैं.
साल 2017 में शारोन को एक और मौत का सामना करना पड़ा जब एक दवाई के रिएक्शन के कारण उनकी श्वास रुक गई. इस बार, उनका आत्मा सितारों और ग्रहों के बीच एक जगह पर था, जहां समय का कोई मतलब नहीं था. जैसे ही ऑक्सीजन मेरी नसों में वापस आई, मेरी आत्मा फिर से मेरे शरीर में वापस खींच लिया गया," शारोन याद करती हैं.
शारोन मानती हैं कि उनकी हर एक मौत के करीब का अनुभव एक दिव्य आशीर्वाद था, जिसने उन्हें जीवन के गहरे रहस्यों को समझने में मदद की. "हर अनुभव ने मुझे जीवन के सत्य को समझने के करीब पहुंचाया," शारोन कहती हैं. वह यह भी साझा करती हैं कि कई बार उन्हें यीशु से मिलकर यह एहसास हुआ कि वह कभी अकेली नहीं थी और मृत्यु से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है. First Updated : Wednesday, 29 January 2025