जापान में एक बस ड्राइवर के साथ एक ऐसी घटना घटी, जिसे सुनकर आपको ये तय करना मुश्किल हो जाएगा कि उसके साथ क्या हुआ, वो सही था या गलत. इस शख्स की एक छोटी सी गलती ने उसे करीब 70 लाख रुपये का नुकसान करवा दिया और साथ ही उसकी सरकारी नौकरी भी चली गई. क्या थी ये गलती और क्यों हुई उसे इतनी बड़ी सजा? चलिए जानते हैं-
दरअसल, ये मामला जापान के टोक्यो शहर का है, जहां एक बस ड्राइवर पर एक यात्री के पैसे चुराने का आरोप लगा. सिक्योरिटी कैमरे से पकड़े जाने के बाद, उसे अपनी गलती स्वीकार करने में भी हिचकिचाहट हुई और इस गलती ने उसे एक भारी कीमत चुकानी पड़ी.
टोक्यो में एक बस ड्राइवर अपनी सरकारी नौकरी पर था, जब एक दिन एक ग्रुप के 5 लोग बस में चढ़े. इन लोगों ने कुल 1,150 येन (करीब 800 रुपये) का किराया दिया. ड्राइवर ने उनसे 150 येन के सिक्के किराए के डब्बे में डालने को कहा और 1,000 येन का नोट खुद रख लिया, जो उसने रिपोर्ट नहीं किया. लेकिन सिक्योरिटी कैमरे की मदद से ये चोरी पकड़ ली गई.
चोरी के पकड़े जाने के बावजूद, ड्राइवर ने अपनी गलती को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. वो अपने सीनियर के सामने इस बात को नहीं मान पाया. नतीजतन, 29 साल तक सरकारी नौकरी करने के बाद, उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. इतना ही नहीं, सरकारी नौकरी के दौरान मिलने वाला रिटायरमेंट पैकेज भी उसे नहीं मिला.
सरकार ने उसे 84,000 डॉलर (करीब 71 लाख रुपये) का रिटायरमेंट पैकेज देने से मना कर दिया. इस फैसले के खिलाफ ड्राइवर ने कोर्ट में अपील की, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि व्यक्ति के इस व्यवहार से सिस्टम और बस सेवा पर लोगों का विश्वास कम हो सकता है.
ये घटना जापान के कानून और सरकारी नीति के तहत एक सख्त सजा बनकर सामने आई. कोर्ट ने इसे एक गंभीर मुद्दा मानते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यवहार से जनता में असंतोष पैदा हो सकता है. इसके परिणामस्वरूप, ना केवल ड्राइवर को नौकरी से हाथ धोना पड़ा, बल्कि उसने अपना रिटायरमेंट पैकेज भी खो दिया. First Updated : Friday, 18 April 2025