अमेरिका में गूंजेगा भारत का नाम, सभी 63 नेशनल पार्क का सफर तय कर सबसे छोटा 'ग्लोबट्रॉटर' बनेगा यह बच्चा

आर्या अमेरिका के सभी 63 नेशनल पार्कों का दौरा करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की इंसान बनने की राह पर है. अपने माता-पिता अक्षय शर्मा और अपराजिता राय के साथ मिलकर नन्ही आर्या अब तक 34 नेशनल पार्कों की खाक छान चुकी है.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: अमेरिका के इलिनोइस राज्य में रहने वाली महज 16 महीने की भारतीय मूल की बच्ची आर्या शर्मा इन दिनों एक ऐसी हैरतअंगेज यात्रा पर है, जो उसे इतिहास के पन्नों में दर्ज करा सकती है. आर्या अमेरिका के सभी 63 नेशनल पार्कों का दौरा करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की इंसान बनने की राह पर है. अपने माता-पिता अक्षय शर्मा और अपराजिता राय के साथ मिलकर नन्ही आर्या अब तक 34 नेशनल पार्कों की खाक छान चुकी है, जो कि उनके इस बड़े लक्ष्य का आधे से अधिक हिस्सा है. इस अनोखे सफर को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए यह परिवार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम के साथ मिलकर काम कर रहा है और सभी जरूरी दस्तावेज जुटा रहा है.

एक फॉरेस्ट रेंजर की सलाह से बदला इरादा

दिलचस्प बात यह है कि इस परिवार का शुरुआत में ऐसा कोई विश्व रिकॉर्ड बनाने का कोई इरादा नहीं था. आर्या के पिता अक्षय शर्मा ने 'पीपल' मैगजीन को बताया कि वे केवल अपनी बेटी को प्रकृति के करीब लाना चाहते थे. लेकिन जब वे 15 नेशनल पार्क घूम चुके थे, तब वहां के एक पार्क रेंजर ने उन्हें इस रिकॉर्ड की संभावना के बारे में बताया. रेंजर की बात सुनकर माता-पिता ने सोचा, 'क्यों न इस चुनौती को स्वीकार किया जाए?' वर्तमान में यह रिकॉर्ड टेक्सास के 'जर्नी' नाम के एक बच्चे के नाम है, जिसने अक्टूबर 2023 में तीन साल की उम्र में सभी 63 पार्कों का सफर पूरा किया था. अगर आर्या अगले दो साल में इसे पूरा कर लेती है, तो वह सबसे कम उम्र में यह कारनामा करने वाली शख्स बन जाएगी.

प्रकृति के रंगों में खो जाती है नन्ही आर्या

आर्या की मां अपराजिता राय कहती हैं कि आर्या के भीतर प्रकृति के प्रति एक सहज प्रेम है. जब वे कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध योसैमाइट नेशनल पार्क में एक ऊंचे झरने के सामने बैठे थे, तब आर्या बिना पलक झपकाए पानी की गिरती बौछारों और चेहरे पर आती धुंध को महसूस कर रही थी. वह उस पल का पूरा आनंद ले रही थी. यह परिवार अपनी इस खूबसूरत यात्रा के हर पड़ाव को अपने इंस्टाग्राम हैंडल @eternalvoyager1001 पर लगातार साझा कर रहा है. माता-पिता का मानना है कि भले ही आर्या अभी बहुत छोटी है, लेकिन बचपन से प्रकृति के बीच रहने से वह पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनेगी.

बच्चे के साथ सफर करना नहीं है आसान

तस्वीरों और सोशल मीडिया रील्स में यह सफर जितना आसान और आकर्षक दिखता है, हकीकत में उतना है नहीं. अपराजिता के मुताबिक, एक छोटे बच्चे के साथ जंगलों और पहाड़ों की यात्रा करने के लिए बेहद बारीकी से योजना बनानी पड़ती है. इसमें सबसे जरूरी है लचीलापन। अगर बच्चा किसी जगह पर सहज नहीं है या रो रहा है, तो सफर किसी प्रताड़ना जैसा लगने लगता है. इसलिए वे आर्या के मूड, खाने और सोने के समय के अनुसार ही अपने सफर की गति तय करते हैं, ताकि रिकॉर्ड बनाने की होड़ में उनका पारिवारिक समय खराब न हो.

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