नई दिल्ली: शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का रिश्ता होती है. ऐसे में हर कोई अपने लिए एक अच्छा जीवनसाथी चाहता है. कोई स्वभाव को प्राथमिकता देता है तो कोई शिक्षा, नौकरी और पारिवारिक पृष्ठभूमि को. लेकिन जब अपेक्षाएं वास्तविकता से बहुत आगे निकल जाएं, तो अच्छा रिश्ता मिलना मुश्किल हो सकता है. हाल ही में एक भारतीय मैचमेकर ने अपने काम से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. एक युवती की बेहद ऊंची अपेक्षाओं के कारण आखिरकार उसका प्रोफाइल मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म से हटाना पड़ा.
भारतीय मैचमेकर ओएंद्रिला कपूर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनकी टीम के पास 28 वर्षीय युवती का रिश्ता आया था. युवती अच्छी नौकरी करती थी और उसकी सालाना आय लगभग 11 लाख रुपये थी. शुरुआत में परिवार की सामान्य इच्छा थी कि लड़का अच्छे परिवार से हो, पढ़ा-लिखा हो, स्थिर नौकरी करता हो और उसका व्यवहार अच्छा हो. लेकिन जैसे-जैसे रिश्तों के प्रस्ताव आने लगे, परिवार और युवती की अपेक्षाएं भी बदलती चली गईं.
मैचमेकर के मुताबिक, युवती चाहती थी कि उसका होने वाला जीवनसाथी सालाना एक करोड़ रुपये या उससे अधिक कमाता हो. इसके अलावा परिवार की यह भी इच्छा थी कि लड़का बंगाली ब्राह्मण समुदाय से हो. टीम ने इन शर्तों के अनुसार कई प्रोफाइल भेजे, लेकिन लगभग हर प्रस्ताव किसी न किसी वजह से ठुकरा दिया गया. इससे उपयुक्त रिश्ता ढूंढना लगातार मुश्किल होता गया.
ओएंद्रिला कपूर ने बताया कि उनकी टीम ने उन सभी प्रोफाइल से संपर्क किया जिन्हें युवती पसंद कर रही थी. हालांकि, दूसरी तरफ से किसी ने भी इस रिश्ते में रुचि नहीं दिखाई. लगातार प्रयासों के बावजूद जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला, तब आखिरकार मैचमेकिंग टीम ने युवती का प्रोफाइल अपनी सूची से हटाने का फैसला किया.
मैचमेकर ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि अच्छी आय होना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण बात है, लेकिन सफल रिश्ते केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं बनते. उन्होंने बताया कि ऊंची कमाई करने वाले लोग भी जीवनसाथी चुनते समय स्वभाव, व्यक्तित्व, सोच, पारिवारिक मूल्यों और आपसी समझ को उतनी ही अहमियत देते हैं. केवल बड़ी सैलरी की शर्त रखने से सही रिश्ता मिलना आसान नहीं होता. उनका मानना है कि जब अपेक्षाएं वास्तविक परिस्थितियों से बहुत अधिक हो जाती हैं, तो कई अच्छे रिश्ते भी हाथ से निकल जाते हैं.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग राय रखी. कई यूजर्स का कहना था कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार जीवनसाथी चुनने का पूरा अधिकार है और इसमें कोई गलत बात नहीं है. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि रिश्ते तय करते समय अपेक्षाएं रखना स्वाभाविक है, लेकिन वे व्यावहारिक भी होनी चाहिए. उनका मानना था कि केवल कमाई को सबसे बड़ा पैमाना बना देने से रिश्तों की मूल भावना कमजोर पड़ सकती है. First Updated : Wednesday, 15 July 2026