Baba Bageshwar on Maulana Shahabuddin: गणतंत्र दिवस पर बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मुस्लिम समुदाय को लेकर दिए अपने बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया. बाबा ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग गणतंत्र दिवस के जश्न में भाग लेने से बचते हैं. इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने कड़ा जवाब देते हुए बाबा को इतिहास पढ़ने की सलाह दी.
मौलाना ने बाबा बागेश्वर को इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि देश की आजादी में मुसलमानों का योगदान बेहद अहम रहा है. उन्होंने बाबा को किसी मदरसे में जाकर वहां के गणतंत्र दिवस समारोह का मुआयना करने की भी चुनौती दी.
गणतंत्र दिवस के मौके पर बाबा बागेश्वर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन के जश्न से बचते नजर आते हैं. इस बयान ने न सिर्फ विवाद खड़ा किया, बल्कि मुस्लिम समुदाय के नेताओं को भी नाराज कर दिया. मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने इसे एकतरफा और भ्रामक बयान बताते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय ने भी गणतंत्र दिवस का उत्सव पूरे जोश और उल्लास के साथ मनाया.
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, "बाबा बागेश्वर हमेशा मुसलमानों को निशाना बनाते हैं. उन्हें देश की आजादी का इतिहास पढ़ना चाहिए. आजादी की लड़ाई में मदरसों और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी जान की कुर्बानियां दी हैं." उन्होंने आगे कहा, "1857 की क्रांति से लेकर 1947 तक, मदरसों और उलमा ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. लगभग 55,000 मुस्लिम उलमा ने अपनी जान देश पर कुर्बान की. यह वही मदरसे हैं जहां से अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया गया."
मौलाना ने कहा कि मदरसे में तिरंगा झंडा फहराना गर्व की बात है. उन्होंने कहा, "आज 26 जनवरी को हर मदरसे में झंडा फहराया गया. मदरसे हमारे देश की शान हैं. बाबा बागेश्वर को किसी मदरसे का दौरा करना चाहिए और देखना चाहिए कि हम किस तरह जश्न-ए-जम्हूरियत मना रहे हैं."
मौलाना शहाबुद्दीन ने बाबा बागेश्वर को नसीहत देते हुए कहा, "उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए. इससे उनका दिल और दिमाग खुल जाएगा. मुसलमानों ने आजादी की लड़ाई में जो योगदान दिया है, उसे नकारा नहीं जा सकता." उन्होंने आगे कहा कि बाबा धीरेंद्र शास्त्री मुसलमानों के खिलाफ बोलने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते और हमेशा उन्हें कटघरे में खड़ा करने की कोशिश करते हैं. First Updated : Monday, 27 January 2025