श्मशान घाट पर ‘मृत’ शख्स में दिखी हलचल, अंतिम संस्कार से पहले मचा हड़कंप

ब्राजील के प्रेसिडेंटे प्रूडेंटे शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 88 वर्षीय जुरासी रोजा एल्व्स को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन अंतिम संस्कार से ठीक पहले वह जिंदा पाए गए.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: ब्राजील के प्रेसिडेंटे प्रूडेंटे शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. बता दें, यहां 88 वर्षीय जुरासी रोजा एल्व्स को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन अंतिम संस्कार से ठीक पहले वह जिंदा पाए गए. वहीं इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. लेकिन क्या है पूरा मामला चलिए जानते है.

डॉक्टरों से किया मृत घोषित

सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुजुर्ग जुरासी रोजा एल्व्स को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल की ओर से परिवार को उनकी मौत की जानकारी दी गई और शव को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया। हालांकि इस दौरान परिवार बुजुर्ग की मौत से गहरे सदमे में था, लेकिन फिर भी अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी.

कहानी में आया नया मोड़ 

वहीं इस पूरी कहानी ने उस समय चौंकाने वाला मोड़ ले लिया, जब शवगृह के कर्मचारियों ने एल्व्स के शरीर में हलचल महसूस की गई. कर्मचारियों ने देखा कि उनके पेट और सीने में हल्की हरकत हो रही है. करीब से जांच करने पर पता चला कि बुजुर्ग अब भी सांस ले रहे हैं. यह देखते ही वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी गई.

वहीं जैसे ही ये खबर अस्पताल पहुंची, अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई. मेडिकल टीम ने बिना देरी किए बुजुर्ग को दोबारा इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया. फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है.

अस्पताल की लापरवाही 

इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने बिना पूरी जांच किए ही उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी. वहीं अस्पताल प्रशासन ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इतनी बड़ी गलती कैसे हुई. बता दें, सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे, जबकि कई लोग इसे चिकित्सा व्यवस्था की गंभीर चूक बता रहे हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो