ब्रिटेन के वॉल्वरहैम्प्टन में सिख बुजुर्गों पर हमला, पगड़ी का अपमान, 3 गिरफ्तार

वॉल्वरहैम्प्टन में पिछले शुक्रवार को हुए एक हमले के वायरल वीडियो ने सबको चौका कर रख दिया है. इस चौंकाने वाले फुटेज में एक पीड़ित को बिना पगड़ी के जमीन पर लेटे हुए देखा जा रहा है.

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Britain Sikhs: वॉल्वरहैम्प्टन रेलवे स्टेशन के बाहर दो बुज़ुर्ग सिख पुरुषों पर बेरहमी से किए गए हमले का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आने के बाद ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस (BTP) ने कार्रवाई तेज कर दी है. यह घटना शुक्रवार, 15 अगस्त को हुई और पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद आगे की पूछताछ तक जमानत पर छोड़ दिया है. वीडियो में एक पीड़ित जमीन पर गिरा दिखाई देता है, उसकी पगड़ी पास में पड़ी है, जबकि दूसरे को लात-घूंसे मारे जा रहे हैं. पुलिस ने इसे अपराध मानते हुए जांच शुरू की है. दोनों पीड़ितों को ईलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

क्या दिखा वायरल वीडियो में?

घटना के वायरल क्लिप में एक महिला जो हमले को रिकॉर्ड कर रही थी, चिल्लाती सुनाई देती है. इन दो लोगों को इन श्वेत लोगों ने पीटा है और हमलावरों पर चीखते हुए कहती है. तुम लोग क्या कर रहे हो यह हमला शुक्रवार को लगभग 13.45 बजे हुआ बताया गया है.

पुलिस की कार्रवाई और जांच

ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस ने मीडिया रिपोर्ट्स में बताया कि उन्हें ऑनलाइन सामने आए कथित वीडियो की जानकारी है, जिसमें दो पीड़ितों पर हमला दिखाया गया है. 17, 19 और 25 वर्ष के तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और आगे की पूछताछ तक जमानत दे दी गई.

सिख नेताओं की कड़ी निंदा

भारत और ब्रिटेन में सिख संगठनों व नेताओं ने हमले पर गुस्सा जताया. शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि एक सिख की पगड़ी जबरन उतारी गई और इसे नस्लवादी घृणा अपराध करार दिया. उन्होंने वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस और ब्रिटेन के गृह मंत्रालय से त्वरित कदम उठाने की अपील की तथा विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इस मुद्दे को ब्रिटिश सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया. कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी कहा कि इंग्लैंड में सिख बुज़ुर्ग पर हुआ क्रूर हमला अंतर-सामुदायिक सौहार्द के लिए बेहद चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए.

सिख फेडरेशन यूके का दावा

सिख फेडरेशन ने बयान में बताया कि दोनों बुज़ुर्ग स्थानीय टैक्सी चालक थे और स्टेशन के बाहर ड्यूटी पर थे. संगठन के मुताबिक यह नस्लीय हमले का स्पष्ट मामला है, जिसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

मीडिया द्वारा यूके निकाय के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि तीन श्वेत पुरुषों का एक समूह स्टेशन से बाहर निकला और ड्राइवरों में से एक के पास पहुंचा और ओल्डबरी ले जाने की मांग की. ड्राइवरों में से एक ने हमें बताया कि वे बहुत असभ्य और अपमानजनक थे और उसने उसे उन्हें ले जाने का आदेश दिया. उसने समझाया कि सिस्टम इस तरह से काम नहीं करता है और उन्हें टैक्सी स्टैंड में जाना होगा और वहीं से बुकिंग करनी होगी. लेकिन उन्होंने न तो कुछ सुना और कुछ समझने के बजाय उन्होंने गाली-गलौज करना शूरू कर दिए. First Updated : Tuesday, 19 August 2025