नई दिल्ली: आपने सोशल मीडिया पर कई अजब-गजब किस्से सुने होंगे लेकिन क्या आपने कभी ये सुना है कि किसी पक्षी के घोंसले की किमत सोने से ज्यादा किमती हो. इस बात पर शायद यकीन करना मुश्किल हो लेकिन यह सच है. बता दें, इस पक्षी का नाम स्विफ्टलेट है, जिसका घोंसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहद ऊंचे दामों पर बिकता है. खास बात है कि कई ज्यादा अधिक दाम होने के बावजूद भी इस घोंसले की एशियाई देशों में जबरदस्त मांग है.
स्विफ्टलेट की सबसे अनोखी बात यह है कि यह अपना घोंसला तिनकों, पत्तियों या घास से नहीं बनता बल्कि यह पक्षी अपनी लार यानि सलाइवा से घोंसला तैयार करता है. इस दौरान हवा के संपर्क में आने के बाद यह लार धीरे-धीरे सख्त होकर कप जैसी मजबूत संरचना का रूप ले लेती है. यहीं वजह है कि इस घोंसले को तैयार करने में पक्षी को कई दिनों का समय लगता है. आमतौर पर यह घोंसले ऊंची चट्टानों की गुफाओं, समुद्री तटों के पास और अंधेरी जगहों पर बनाए जाते हैं.
स्विफ्टलेट के घोंसले की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है. चीन, हांगकांग, सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में इससे बनने वाला 'बर्ड्स नेस्ट सूप' बेहद पॉपुलर है. इसे ट्रेडिशनल भोजन के साथ-साथ हेल्थी प्रोटीन भी माना जाता है. कहा जाता है कि इसमें मौजूद प्रोटीन, अमीनो एसिड और कुछ खनिज तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा की देखभाल और कमजोरी दूर करने में सहायक हो सकते हैं. हालांकि, इन दावों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं.
घोंसलों की लगातार बढ़ती मांग का असर अब स्विफ्टलेट की आबादी पर भी पड़ने लगा है. कई स्थानों पर प्राकृतिक घोंसलों को समय से पहले निकाल लिया जाता है, जिससे पक्षियों के प्रजनन पर असर पड़ता है. यही वजह है कि कुछ देशों ने इनके संरक्षण के लिए नियम सख्त किए हैं और कृत्रिम नेस्ट हाउस या नियंत्रित फार्मिंग को बढ़ावा देना शुरू किया है.
भारत के कुछ क्षेत्रों में भी स्विफ्टलेट पक्षी पाए जाते हैं, लेकिन यहां इनके घोंसलों का व्यावसायिक संग्रह सीमित है. फिलहाल इस अनोखे घोंसले का सबसे बड़ा कारोबार दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में ही केंद्रित है, जहां इसकी मांग और कीमत दोनों लगातार ऊंची बनी हुई हैं. First Updated : Tuesday, 30 June 2026