वायरल वीडियो पर मचा बवाल: मां के सवाल से रो पड़ा मासूम, लोगों ने उठाए पेरेंटिंग पर सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने पेरेंटिंग को लेकर नई बहस छेड़ दी है. मां के एक भावनात्मक सवाल से बच्चा रो पड़ा, जिसके बाद यूजर्स ने इसे गलत तरीका बताते हुए नाराजगी जताई.

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो अक्सर लोगों का मनोरंजन करते हैं या उन्हें भावुक कर देते हैं, लेकिन कई बार यही क्लिप्स विवाद की वजह भी बन जाते हैं. हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है, जिसमें एक मां अपने छोटे बच्चे से एक ऐसा सवाल पूछती है, जिसने लोगों को असहज कर दिया.
वीडियो में मां अपने बच्चे से पूछती है कि अगर वह कहीं चली जाए और वापस न आए तो वह क्या करेगा. इस मासूम सवाल ने बच्चे के मन पर गहरा असर डाला और उसकी प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया यूजर्स को भावुक होने के साथ-साथ नाराज भी कर दिया.
मां के सवाल से भावुक हुआ बच्चा
वायरल क्लिप में बच्चा पहले मासूमियत से जवाब देता है, "मैं आपकी फोटो से प्यार करूंगा." लेकिन कुछ ही पलों में उसका चेहरा बदल जाता है और वह रोने लगता है.
जब मां उससे पूछती है कि वह क्यों रो रहा है, तो बच्चा और ज्यादा भावुक होकर पूछता है- "क्या आप मर जाओगे? मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि मेरी मम्मी जल्दी वापस आ जाए."
अंत में मां ने बच्चे को कराया शांत
बच्चे को रोता देख मां उसे समझाती है कि वह कहीं नहीं जा रही और उसे छोड़कर नहीं जाएगी. इसके बाद बच्चा खुद को संभालते हुए मुस्कुराने की कोशिश करता है और हाथों से हार्ट बनाता है.
हालांकि वीडियो का अंत थोड़ा सुकून देने वाला है, लेकिन उससे पहले के भावुक पल ने लोगों को बेचैन कर दिया.
सोशल मीडिया पर भड़की बहस
वीडियो सामने आते ही यूजर्स ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी. कई लोगों ने इसे गलत पेरेंटिंग करार दिया और कहा कि छोटे बच्चों से इस तरह के सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए.
यूजर्स का मानना है कि इस उम्र में बच्चे बेहद संवेदनशील होते हैं और ऐसे सवाल उनके मन में डर और असुरक्षा पैदा कर सकते हैं. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सिर्फ कंटेंट बनाने के लिए बच्चों की भावनाओं के साथ खेलना सही नहीं है.
पेरेंटिंग पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दौर में पेरेंटिंग की सीमाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चे जल्दी प्रभावित होते हैं और हर बात को गहराई से समझ नहीं पाते.
ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे बच्चों की भावनाओं का ध्यान रखें और उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आएं.


